वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मोहन खत्री ने महामारी से दिवंगत हुए लोगों के प्रति गहन संवेदना की व्यक्त,सरकार को कोसा
देहरादून।वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मोहन खत्री ने कोरोना महामारी से दिवंगत हुए लोगों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तराखंड सरकार की असफलता दर्शाते हुए चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि हमने ये सब दिन देखने के लिए हमने उत्तराखंड राज्य की मांग नही की थी जिसमें ना तो चिकित्सीय सुविधा मजबूत हुई और ना ही कोई ठोस विकास हुआ। उन्होंने कहा कि यह सरकार की नाकामी को दर्शाता है कि इन महामारी के बावजूद इस संकट के दौर में ऑक्सीजन की कमी होना , मरीजों को बेड की कमी, दवाई ना मिल पाना ,सड़कों में दम तोड़ती जिंदगी दिख रही हो। खत्री ने कहा किबअगर इसे विकास कहते हैं तो धिक्कार है ऐसे विकास को। मुख्यमंत्री द्वारा इस संकट के दौर में हरिद्वार जिले में महाकुंभ करवाकर ऐसे मूर्खतापूर्ण निर्णय लेने से आज उत्तराखंड वासियों के लिए जी का जंजाल बन गया ।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य सरकार से निवेदन है कि संकट की घड़ी में कोरोना बिमारी से बचाव हेतु उत्तराखंड राज्य के हर जिले में एक कंट्रोल रूम बनाया जाए जो जिले के हर अस्पताल में कितने बेड रिक्त हैं इसकी सूचना समय-समय पर प्रसारित करता है जिससे कि कोरोना संक्रमित को जगह-जगह भटकते हुए या रास्ते में अपनी जिंदगी से ना हारना पढ़े और उन्हें हर संभव इलाज मिल सके तथा कम से कम 3 हफ्ते का संपूर्ण लॉकडाउन लगाते हुए जनमानस की रक्षा करें ।

