चमोली।जिले में विजय दिवस बडे धूम-धाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश के आन-बान और शान की रक्षा करने वाले अमर शहीद सैनिकों को श्रृद्धाजंली दी गयी तथा 1971 भारत-पाक युद्ध में शामिल पूर्व सैनिको व सैनिक विधवाओं को सम्मानित किया गया। पुलिस द्वारा अमर शहीदों को गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया। स्कूली बच्चों ने गोपश्वर नगर क्षेत्र में प्रभातफेरी निकालकर अमर शहीदों को नमन किया। विजय दिवस के अवसर पर 1971 के युद्ध में शामिल जिले के शहीद सिपाही स्व0 बिशन सिंह तोपवाल की पत्नी सोबती देवी तथा इस युद्व में शामिल हुए पूर्व सैनिक अब्बल सिंह, रोजन्द्र सिंह, भोला सिंह, मातवर सिंह भण्डारी, शिवराज सिंह एवं वीर नारी कमला देवी व ओखा देवी को शाॅल ओढाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं ने देश भक्ति, देश प्रेम, राष्ट्रीय एकता व अखण्डता पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी।
जिला पंचायत सभागार, गोपेश्वर में आयोजित विजय दिवस समारोह के अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, सीडीओ हंसादत्त पांडे, एडीएम एमएस बर्निया, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेन्द्र लाल सहित गणमान्य नागरिकों एवं पूर्व सैनिकों ने अमर शहीदों को श्रृद्वांजलि देते हुए उन्हें नमन किया तथा सभी देश वासियों को विजय दिवस की हार्दिक बधाई दी।
जिलाधिकारी ने कहा कि आज का दिन हमें शहीदों के अदम्य साहस एवं बलिदान को स्मरण कराते हुए देश सेवा के लिए प्रेरित करता है। बताया कि वे स्वयं भी बचपन में सेना में डाॅक्टर बनकर देश सेवा करना चाहते थे, परन्तु किसी कारण से उनका ये सपना अधूरा रह गया। उन्होंने स्कूली बच्चों, अधिकारियों एवं समस्त नागरिकों को अपने-अपने क्षेत्र में अपना शत प्रतिशत योगदान देकर देश सेवा में अपना अहम योगदान देने की बात कही। पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उनकी जो भी समस्याऐं व कठिनाइयां है, उनकों दूर करने का हर सम्भव प्रयास किया जाएगा। कहा कि शहीद सैनिकों के सम्मान में उनके गांव क्षेत्रों में किए जा रहे विभिन्न विकास योजनाओं, सड़कों एवं स्कूलों का नाम शहीद सैनिकों की स्मृति में रखने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी जनपदवासियों को विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनांए दी।
मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेन्द्र लाल एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों व पूर्वसैनिकों ने भी विजय दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अमर शहीदों के अदम्य साहस व बलिदान को नमन किया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि देश की आन-बान और शान की रक्षा के लिए समर्पित सेना के प्रत्येक जवान और शहीदों पर राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक को गर्व है।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास अधिकारी ले0 कर्नल बीएस रावत (अ0प्रा0) ने बताया कि 1971 भारत-पाक युद्ध में देश के वीर सैनिकों ने अदम्य शौर्य का परिचय देते हुए दुश्मन देश के 93 हजार से अधिक सैनिकों को आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया था। 14 दिनों तक चले इस भीषण युद्ध में भारतीय सेना के 3 हजार 9 सौ के लगभग सैनिक शहीद तथा ढाई हजार के लगभग सैनिक घायल हुए थे। इस युद्ध में मिली ऐतिहासिक विजय को हर वर्ष 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस युद्ध के परिणाम स्वरूप ही विश्व में एक नये देश बांग्लादेश का उदय हुआ। उन्होंने बताया कि इस युद्व में जिले के 44 सैनिक शहीद हुए जबकि 19 सैनिक घायल हुए थे तथा अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय देने वाले जिले के 08 सैनिकों को गैलेन्टरी अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों, सैनिक विधवाओं तथा उनके आश्रितों हेतु संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी।
विजय दिवस पर स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देश भक्ति, देश प्रेम व राष्ट्रीय एकता अखण्डता से संबधित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का संचालन नेहरू युवा केन्द्र के समन्वयक योगेश धसमाना द्वारा किया गया। इस अवसर पर एसडीएम बुशरा अंसारी, समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेन्द्र सिंह लिंगवाल, डीपी पुरोहित, दिनेश तिवारी, रघुवीर सिंह वत्र्वाल, फकीर सिंह रावत सहित शहीद सैनिकों के परिजन, भूतपूर्व सैनिक, गणमान्य व्यक्ति एवं स्कूली छात्र-छात्राऐं मौजूद रहे।