45 फीसद भारतीयों ने दी रिश्वत, निचले स्तर पर बढ़ा भ्रष्टाचार

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नई दिल्ली। भारत में भ्रष्टाचार कम होने की जगह लगातार बढ़ रहा है। यह बात हाल में ‘ट्रांस्परेंसी इंटरनेशनल’ नाम के संगठन की ओर से किए गए सर्वे में सामने आई है। यह सर्वे भारत के नौ राज्यों में किया गया था, जिसमें 45 फीसद लोगों ने माना कि पिछले एक साल में उन्होंने अपना काम करवाने के लिए कम से कम एक बार तो रिश्वत दी ही थी।
गौरतलब है कि पिछली बार हुए सर्वे में यह आंकड़ा 43 फीसद था। सर्वे में शामिल 34,696 लोगों में से 37 प्रतिशत ने माना की रिश्वतखोरी बढ़ गई है, वहीं 14 प्रतिशत ने कहा कि भ्रष्टाचार कम हुआ है। 45 प्रतिशत लोगों को लगता है कि व्यवस्था में कोई बदलाव हुआ ही नहीं है।
सर्वे के मुताबिक, सबसे ज्यादा बुरा हाल पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश का है। वहां के 71 प्रतिशत लोगों ने माना कि उनके राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। वहीं, महाराष्ट्र में कुल 18 प्रतिशत लोगों ने इसके बढ़ने की बात कही, वहीं 64 प्रतिशत को स्थिति में कोई बदलाव नहीं दिखा।
दिल्ली के 33 प्रतिशत लोगों को लगता है कि घूसखोरी पहले से बढ़ी है। उत्तर प्रदेश के 28 प्रतिशत लोगों ने भ्रष्टाचार के कम होने की बात कबूली है। सर्वे में यह भी निकलकर आया है कि ज्यादातर भ्रष्टाचार छोटे स्तर पर हो रहा है जिसमें बिजली दफ्तर, नगर निगम, प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े काम और उनसे संबंधित दफ्तर शामिल हैं।
यह सर्वे यूएन के ‘एंटी करप्शन डे’ पर किया गया था। जिन नौ राज्यों में यह सर्वे हुआ वहां लोकायुक्त नहीं है। लोगों ने प्राइवेट सेक्टर, स्कूल प्रशासन, एनजीओ, कोर्ट आदि में पैसा दिया।

देवभूमि खबर