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उत्तराखंड में 2022-23 में 907 बलात्कार और 778 अपहरण दर्ज ,नसीहत देने के बजाय अपने गिरेबान में झांके भाजपा:करन महारा

उत्तराखंड में 2022-23 में 907 बलात्कार और 778 अपहरण दर्ज ,नसीहत देने के बजाय अपने गिरेबान में झांके भाजपा:करन महारा
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देहरादून ।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन महारा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में आए नए घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जमकर हमला बोला।

उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन महारा ने प्रेस वार्ता कर कहा कि कितनी बड़ी विडंबना है कि पुष्कर सिंह धामी सार्वजनिक मंचों से कांग्रेस के नैतिक बल में कमी होने की बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं ।यदि मुख्यमंत्री में स्वयं में नैतिक बल है तो अंकिता भंडारी के पिता ने जिलाधिकारी पौड़ी को पत्र लिखकर जो गंभीर आरोप लगाए हैं उनकी व्यापक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाने का साहस दिखाएं ।

महारा ने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री के गृह जनपद में एक ही दिन में महंत और उसके शिष्य की दिनदहाड़े हत्या हो जाती है वहीं मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी का मंडल अध्यक्ष कमल रावत कई महीनों तक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करता रहा और मुख्यमंत्री नैतिक बल की कमी कांग्रेस में ढूंढ रहे हैं ?

महारा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में जहां एक ओर एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों में उत्तराखंड को सभी हिमालय राज्यों में महिला अपराध में नंबर एक के पायदान पर रखा गया है वहीं दूसरी ओर ताजा आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में 2022-23 में 907 बलात्कार और 778 अपहरण दर्ज हुए हैं ।महारा ने कहा कि मुख्यमंत्री कांग्रेस को नसीहत देने के बजाय अपने गिरेबान में झांके और अपने दल में फैली गंदगी को साफ करने का काम करें।

महारा ने भाजपा देहरादून के पूर्व महानगर अध्यक्ष विनय गोयल के बयान भी प्रेस के सामने रखते हुए कहा की गोयल के बयानों से साफ परिलक्षित होता है कि भारतीय जनता पार्टी का चाल चरित्र और चेहरा क्या है? महारा ने याद दिलाते हुए कहा कि भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष, देहरादून विनय गोयल ने महिलाओं के परिपेक्ष में तीन निम्न स्तर के बयान बाजी की थी, जिसका वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ था ।गोयल ने भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता से बातचीत के दौरान प्रचारकों की भी शारीरिक नीड होने की बात कही थी ।

गोयल ने यह भी कहा था कि अच्छे घर की महिलाएं राजनीति में नहीं आती और यदि महिलाएं राजनीति में आने की इच्छुक है तो उन्हें पहले ही मानसिक तौर पर तैयार होकर आना चाहिए। महारा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संगठन ने विनय गोयल पर लगे आरोपों को स्वीकार करते हुए न सिर्फ उन्हें पद मुक्त किया बल्कि आज की तारीख में उपरोक्त बयानों की वजह से ही विनय गोयल की राजनीति हाशिए में है। महारा ने कहा कि भाजपा के पापों की स्थिति यही खत्म नहीं होती,द्वाराहाट के भाजपा विधायक महेश नेगी पर वही की एक महिला ने अपनी बच्ची के पिता होने का गंभीर आरोप लगाया और डीएनए जांच की मांग करी लेकिन प्रचंड बहुमत की सरकार होते हुए भी भाजपा सरकार ने उस मातृशक्ति की एक नहीं सुनी और डीएनए जांच की बात ठंडा बस्ती में चली गई।

महारा ने पूर्व संगठन महामंत्री संजय कुमार पर भाजपा की ही एक महिला कार्यकर्ता द्वारा 3 साल तक यौन उत्पीड़न की शिकायत की गई थी जिसकी स्वीकारोक्ति इस बात से होती है कि रातों-रात गुपचुप तरीके से संजय कुमार को भी पद मुक्त कर उत्तराखंड से बेदखल कर दिया गया ।

महारा ने कहा कि यदि संजय कुमार पाक साफ होते तो आरोपों का सामना करते और रात के अंधेरे में गुप चुप तरीके से उत्तराखंड छोड़कर नहीं भागते।महारा ने इन खबरों की भी पुष्टि करने वाले समाचार पत्रों की कटिंग प्रेस के समक्ष रखी। महारा ने कहा कि वर्तमान में अंकिता भंडारी के परिजनों ने उसकी हत्या के सवा साल बाद यदि भाजपा के संगठन महामंत्री पर वी आई पी होने का आरोप लगाया है तो उनके पास उसके जरूर कोई पुष्ट आधार होंगे, जिन आधारों की जांच होनी चाहिए ।महारा ने यह भी कहा कि महामंत्री संगठनों के मामले में वैसे भी भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड खराब ही रहा है। उत्तराखंड बीजेपी में संगठन महामंत्री का पद किसी बाहरी व्यक्ति को दिया जाता है जो उत्तराखंड की बहन बेटियों की अस्मिता और स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ करने में जरा भी नहीं हिचकता। महारा ने घोषणा करते हुए कहा कि 14 जनवरी 2024 को एक ओर जहां कांग्रेस के नेता राहुल गांधी मणिपुर से भारत जोड़ो न्याय यात्रा का शुभारंभ करेंगे वही उत्तराखंड कांग्रेस 14 जनवरी से लेकर 16 जनवरी तक तीन दिन ब्लॉक और बूथ स्तर पर अंकिता भंडारी न्याय यात्रा का आयोजन करेगी।

महारा ने कहां की उत्तराखंड का समाज स्वाभिमानी समाज है और हमारे लिए हमारी बहन बेटियों की अस्मिता सर्वोपरि है, ऐसे में यदि आर एस एस से जुड़ा हुआ बड़ा नाम वीआईपी के रूप में सामने आया है तो राज्य सरकार का यह नैतिक दायित्व है कि वह इसकी व्यापक जांच करके जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी करें।

देवभूमि खबर

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