रामनगर अस्पताल में ई-रिक्शा से शव ढोने की घटना पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच

रामनगर अस्पताल में ई-रिक्शा से शव ढोने की घटना पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच
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स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा – “अमानवीय लापरवाही बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई


देहरादून।रामनगर उप-जिला चिकित्सालय में एक युवक के पार्थिव शरीर को ई-रिक्शा में मोर्चरी तक ले जाने की घटना ने राज्य भर में संवेदनशीलता और आक्रोश को जन्म दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर दी है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस घटना को “अत्यंत निंदनीय और अमानवीय” बताया और स्पष्ट किया कि “इस तरह की लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी सम्मान और गरिमा मिलनी चाहिए।

जांच समिति की अध्यक्षता चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशक करेंगे जबकि सदस्य के रूप में निदेशक प्रशासन और निदेशक स्वास्थ्य, कुमाऊं मंडल को नामित किया गया है। समिति को 30 मई 2025 तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), नैनीताल और रामनगर उप-जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से 26 मई तक विस्तृत आख्या तलब की है। खासतौर पर यह जांच की जाएगी कि शव वाहन की अनुपलब्धता का कारण क्या था और कौन जिम्मेदार है।

डॉ. कुमार ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, प्रदेश के सभी जिलों के सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अस्पतालों में शव वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

देवभूमि खबर

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