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राजस्व अभिवृद्धि पर मुख्य सचिव की उच्चस्तरीय बैठक: नवाचार, ईको टूरिज्म और तकनीकी समाधान पर ज़ोर

राजस्व अभिवृद्धि पर मुख्य सचिव की उच्चस्तरीय बैठक: नवाचार, ईको टूरिज्म और तकनीकी समाधान पर ज़ोर
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देहरादून।मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय स्थित अपने सभागार में राजस्व अभिवृद्धि को लेकर विभिन्न महत्त्वपूर्ण विभागों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व बढ़ाने हेतु विभागीय नवाचारों और तकनीकी साधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।

मुख्य सचिव ने वन विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया कि राजस्व के लिए नए स्रोत चिन्हित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी, कार्बन क्रेडिट और ईको टूरिज्म को राजस्व के बड़े स्त्रोत के रूप में विकसित किया जा सकता है। सभी डिविजन को जड़ी-बूटी उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित करने और ईको टूरिज्म को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही टिम्बर बिक्री की ऑनलाइन प्रणाली को शीघ्र लागू करने और वन निगम के वर्किंग प्लान में एक हज़ार मीटर से ऊपर के क्षेत्रों को सम्मिलित करने को भी कहा गया।

खनन गतिविधियों को लेकर मुख्य सचिव ने खनन विभाग को लंबित 14 लॉट्स को अक्टूबर से पूर्व शुरू करने और लगातार नए लॉट चिन्हित करने के निर्देश दिए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सर्विलांस सिस्टम जल्द शुरू करने एवं सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग बढ़ाने पर भी बल दिया गया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वन निगम, कुमाऊं मंडल विकास निगम और गढ़वाल मंडल विकास निगम को आवंटित सभी लॉट्स का 100% संचालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने स्टेट जीएसटी के क्षेत्रवार विश्लेषण कर उसकी स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग की एएनपीआर प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने और उसे वन विभाग के साथ इंटीग्रेट करने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने पर भी ज़ोर दिया गया। साथ ही इस वर्ष स्टेट जीएसटी का लक्ष्य भी बढ़ाने के आदेश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री एल. फैनाई, सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री युगल किशोर पंत, वन विभाग से श्री कपिल लाल, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, श्री हिमांशु खुराना, श्रीमती सोनिका सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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