एबीआरएसएम का ऐतिहासिक राष्ट्रव्यापी अभियान :   एक सितम्बर को पाँच लाख विद्यालयों में सामूहिक संकल्प

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नई दिल्ली।भारत में शिक्षा के क्षेत्र में दिशा देने वाली एक ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) 1 सितम्बर 2025 को देशभर के पाँच लाख से अधिक विद्यालयों में “हमारा विद्यालय – हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम का आयोजन करेगा। यह अभियान “हमारा विद्यालय – हमारा तीर्थ” की व्यापक परिकल्पना के अंतर्गत चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को शैक्षिक उत्थान, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के लिए समूहित संकल्प लेने हेतु प्रेरित करना है।


1 सितम्बर को इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे भारत में पाँच लाख से अधिक विद्यालयों में करोड़ों विद्यार्थी और लाखों शिक्षक एक साथ मिलकर पाँच संकल्पों का सामूहिक उच्चारण करेंगे। ये संकल्प अपने विद्यालय पर गर्व करने, समग्र विकास के प्रति समर्पण, भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व को रेखांकित करेंगे।

यह विश्व का पहला ऐसा अभियान है जिसे किसी शिक्षकों के संगठन द्वारा प्रारम्भ किया गया है। एबीआरएसएम, जो किंडरगार्टन से लेकर विश्वविद्यालयों तक शिक्षा के सम्पूर्ण क्षेत्र में सक्रिय एक प्रमुख शिक्षकों का संगठन है, इस पहल को वास्तव में अद्वितीय और समावेशी बनाता है।
कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए एबीआरएसएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा,
“यह अभियान मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और मूल्य-आधारित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। प्रत्येक विद्यालय को ‘तीर्थ’ मानकर हम उस प्राचीन परम्परा को पुनर्जीवित कर रहे हैं, जहाँ शिक्षा का अर्थ चरित्र निर्माण और समाज सेवा से था। 1 सितम्बर को लिया जाने वाला यह समूहित संकल्प विद्यार्थियों और शिक्षकों में गर्व, उत्तरदायित्व और समर्पण की भावना जगाएगा तथा उन्हें विकसित भारत 2047 की परिकल्पना की ओर अग्रसर करेगा।”

एबीआरएसएम के अनुसार, यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) की उस भावना को दर्शाती है जिसमें शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी बल दिया गया है। विद्यालयों को शिक्षा और सेवा के पवित्र स्थल मानकर एबीआरएसएम गुरु-शिष्य परंपरा को पुनर्जीवित करना चाहता है और विद्यार्थियों को आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना चाहता है।
1 सितम्बर का यह आयोजन भारत की समृद्ध शैक्षिक धरोहर को प्रदर्शित करने का भी एक सशक्त मंच बनेगा, जहाँ विद्यालय केवल पाठन-पाठन के केंद्र ही नहीं बल्कि सामूहिक गर्व और उत्तरदायित्व के प्रतीक बनेंगे। पाँच लाख से अधिक विद्यालयों और करोड़ों विद्यार्थियों व लाखों शिक्षकों की भागीदारी के साथ यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे बड़े शैक्षिक उन्नयन का आधार बनेगा।

एबीआरएसएम सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने और इसे एक भव्य सफलता बनाने का आह्वान करता है, ताकि विद्यालयों को गर्व, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के केंद्र के रूप में सुदृढ़ किया जा सके।

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