राज्य आंदोलनकारियों की बैठक – लम्बित मामलों को लेकर आक्रोश, बड़ा धरना करने का ऐलान
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शहीद स्मारक में राज्य आंदोलनकारियों की बैठक आहूत की गई। बैठक में काफी समय से लंबित चिन्हीकरण एवं अन्य मामलों पर नाराज़गी जताई गई।
सलाहकार केशव उनियाल, वरिष्ठ मातृशक्ति द्वारिका बिष्ट और टिहरी के शिवराज रावत ने कहा कि राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के गठन से उम्मीदें जगी थीं, लेकिन हाल ही में हुई शासन की समीक्षा बैठक भी सकारात्मक नहीं रही। इससे आंदोलनकारियों में गहरी हताशा और आक्रोश है।
प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती और पुष्पलता सीलमाणा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया तो 25 वर्षों बाद भी आंदोलनकारी सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।
सत्या पोखरियाल, पूरण सिंह लिंगवाल और विशम्भर दत्त बौंठियाल ने कहा कि दशकों संघर्ष के बावजूद पुरानी मांगें पूरी नहीं हो पाई हैं और आंदोलनकारियों की लगातार उपेक्षा हो रही है।
बैठक में तय हुआ कि कल खटीमा शहीदों को सुबह 10 बजे श्रद्धांजलि सभा दी जाएगी और पूर्व विधायक एवं संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष रहे रणजीत सिंह वर्मा की स्मृति में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। साथ ही, सितंबर माह के मध्य में सरकार पर दबाव बनाने हेतु एक बड़ा धरना भी आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक का संचालन संयोजक पूरण सिंह लिंगवाल ने किया जबकि अध्यक्षता जगमोहन सिंह नेगी ने की।
मुख्य मांगें
वर्ष 2021 के शासनादेश के बावजूद लंबित चिन्हीकरण मामलों का शीघ्र निस्तारण।
चिन्हीकरण मामलों में LIU की खुली जांच और वरिष्ठ आंदोलनकारियों द्वारा सत्यापन।
एक्ट बनने के बावजूद चिन्हित आंदोलनकारियों के आश्रितों को 10% क्षैतिज आरक्षण का लाभ।
मुख्यमंत्री द्वारा मुजफ्फरनगर शहीद स्मारक में की गई समान पेंशन की घोषणा को तत्काल लागू किया जाए।
बैठक में ओमी उनियाल, जगमोहन सिंह नेगी, पुष्पलता सिलमाणा, वेदा कोठारी, द्वारिका बिष्ट, सुलोचना भट्ट, सत्या पोखरियाल, प्रदीप कुकरेती, अरुणा थपलियाल, राधा तिवारी, शिवराज रावत, पूर्ण सिंह लिंगवाल, ललित जोशी, बिश्म्बर दत्त बौंठियाल, देवेश्वरी नेगी, मोहन खत्री, शांति शर्मा, धर्मानन्द भट्ट, रत्न अमोली, रमेश चन्द्र नोडियाल, हरिओम ओमी, प्रभात डण्डरियाल, चन्द्र किरण राणा, मीरा गुसांई, मनोज नौटियाल, संदीप खत्री, सुभागा फर्स्वाण, नवीन राणा, बीर लाल गैरोला, यशोदा रावत, पुष्पा नेगी सहित कई आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

