कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने की आपदा राहत कार्यों की समीक्षा, प्रभावितों को संवेदनशीलता से राहत पहुँचाने पर जोर
देहरादून। कैबिनेट मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने सोमवार देर शाम ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने जिले में आपदा से हुए नुकसान एवं राहत और पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के साथ खड़ी है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मंत्री को आपदा से हुई क्षति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। मंत्री ने जिला प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य की आपदाओं से नुकसान कम करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
मंत्री ने निर्देश दिया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, विद्युत, खाद्यान्न और स्वास्थ्य सेवाओं को शीघ्र बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि नदी-नाले एवं प्राकृतिक ड्रेनेज क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित होना चाहिए और अवैध कब्जों को हटाने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए।
उन्होंने प्रभावित परिवारों को भवन, भूमि, जनहानि, पशु हानि एवं फसलों की क्षति से संबंधित सहायता राशि का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, मूलभूत सुविधाओं की स्थायी व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि 15-16 सितंबर को हुई अतिवृष्टि से जिले में 31 लोगों की मृत्यु, 03 लोग घायल और 01 व्यक्ति लापता हुआ। आपदा में 38 पक्के भवन पूर्णत: ध्वस्त, 95 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 41 कच्चे मकान और 6 गौशालाएं प्रभावित हुईं। स्वास्थ्य विभाग के 07 केंद्र, पेयजल निगम की 11 योजनाएं, जल संस्थान की 38 तथा सिंचाई विभाग की 57 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुईं।
लोनिवि की 150 सड़कें, 13 पुलिया और 04 कलवट, जबकि पीएमजीएसवाई की 54 सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं। कृषि क्षेत्र में 39 गांवों की 182.71 हैक्टेयर भूमि प्रभावित हुई। इसके अलावा वन विभाग की 40 पुलिया क्षतिग्रस्त हुई हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित गांव फूलेत और छमरौली में सड़कों के अवरुद्ध होने पर हेलीसेवा से बीमार लोगों का रेस्क्यू किया गया और राहत सामग्री पहुंचाई गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत और पेयजल आपूर्ति के साथ सड़क कनेक्टिविटी अस्थायी तौर पर बहाल कर दी गई है। विभाग स्थायी समाधान की दिशा में कार्य शुरू कर चुके हैं।
बैठक में जिलाधिकारी सविन बंसल, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार, डीडीएमओ ऋषभ कुमार, डीआईओ एनआईसी अंकुश पांडेय सहित लोनिवि, पीएमजीएसवाई, विद्युत, पेयजल, कृषि, सिंचाई, उद्यान आदि विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
