सेब की अति सघन बागवानी योजना को मिलेगी गति, उत्पादन बढ़ाने के लिए 2050 तक तय होंगे लक्ष्य

सेब की अति सघन बागवानी योजना को मिलेगी गति, उत्पादन बढ़ाने के लिए 2050 तक तय होंगे लक्ष्य
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देहरादून।मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में सेब की अति सघन बागवानी योजना को लेकर उच्चाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में सेब, कीवी और ड्रैगनफ्रूट के उत्पादन को बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेब की अति सघन बागवानी योजना के अंतर्गत सेब की नवीनतम प्रजातियों के बागान बड़े पैमाने पर स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए जनपद स्तर पर किसानों को क्लस्टर आधारित (Cluster Based Approach) पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उत्पादन में गुणात्मक और मात्रात्मक वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में सेब उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करना है।

उन्होंने निर्देश दिए कि सेब, कीवी और ड्रैगनफ्रूट की उत्पादन क्षमता का वैज्ञानिक आंकलन किया जाए, विशेषकर सेब की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए। साथ ही जनपदों को वर्ष 2030, 2040 और 2050 के लिए स्पष्ट उत्पादन लक्ष्य निर्धारित कर योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि हर्षिल (उत्तरकाशी) के झाला क्षेत्र में स्थापित कोल्ड स्टोरेज की तर्ज पर प्रदेश के अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में भी कोल्ड स्टोरेज विकसित किए जाएं, ताकि किसान ऑफ-सीजन में अपने उत्पाद बाजार में लाकर बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अभी भी पुरानी और कम उत्पादन क्षमता वाली किस्मों की खेती हो रही है, जिन्हें हाई डेंसिटी एप्पल प्लांट्स से प्रतिस्थापित करने की आवश्यकता है। इसके लिए किसानों से व्यापक संवाद स्थापित किया जाए। भावी मांग को देखते हुए नर्सरियों को अपग्रेड करने तथा बड़े पैमाने पर हाई डेंसिटी पौध तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने योजना के प्रभावी संचालन के लिए पूर्णकालिक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने हेतु PMU (Project Management Unit) गठित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर तथा अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखण्ड की उत्पादन क्षमता पर भी अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. एस. एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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