देवी सरस्वती के मंत्रों से गुंजायमान हुआ पूजा परिसर, बिहारी महासभा ने श्रद्धा-भाव से मनाई बसंत पंचमी
देहरादून। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर बिहारी महासभा द्वारा 180-सी, राजपुर रोड स्थित शिव बाल योगी महाराज के प्रांगण में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिससे पूरा पूजा परिसर देवी मंत्रों से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन, पूर्व मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री रणजीत सिन्हा, सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु, पुलिस विभाग के एडीजी श्री ए.पी. अंशुमन एवं श्री अमित सिन्हा सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी, मंत्री-विधायक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बिहारी महासभा द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पश्चिम बंगाल के कुशल मूर्तिकार से विशेष रूप से बनवाई गई थी। प्रातः 10:30 बजे मूर्ति पूजन, सरस्वती वंदना एवं आरती संपन्न हुई। पूजा के उपरांत स्थानीय श्रद्धालुओं को भंडारे का प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद दोपहर में हजारों भक्तों की उपस्थिति में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
महासभा के सचिव श्री चंदन कुमार झा ने बताया कि बसंत पंचमी हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है, जब प्रकृति नवजीवन से भर उठती है। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी को पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
महासभा के अध्यक्ष एवं पूजा के मुख्य यजमान ने बताया कि इस दिन संपूर्ण भारत में विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। पुराणों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने देवी सरस्वती को वरदान दिया था कि बसंत पंचमी के दिन उनकी आराधना की जाएगी। यह दिन बच्चों की शिक्षा के आरंभ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। बिहार में इसे विद्यारंभ पर्व के रूप में मनाया जाता है, जहां बच्चों को पहली बार अक्षर ज्ञान कराया जाता है।
सरस्वती पूजा कार्यक्रम में बिहारी महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह, सचिव चंदन कुमार झा, कोषाध्यक्ष रितेश कुमार, पूर्व अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह सहित डॉ. रंजन कुमार, विद्या भूषण सिंह, राजेश कुमार, विनय कुमार यादव, गणेश, हरीश चंद्र झा, सुनील झा, आलोक सिन्हा, विजय पाल, सुरेश ठाकुर, धर्मेंद्र ठाकुर, दिनेश कुमार एवं महासभा के हजारों सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम श्रद्धा, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बना।

