काशीपुर।प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने काशीपुर में आयोजित विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी बिल–2025 पर आधारित कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों एवं स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए सरकार की ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका सुदृढ़ीकरण नीति की विस्तृत जानकारी दी।
ग्राम्य विकास मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा को समाप्त किए जाने संबंधी अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में यह योजना और अधिक मजबूत एवं प्रभावी हुई है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 1989 में जवाहर रोजगार योजना के रूप में इसकी शुरुआत हुई थी, जो समय-समय पर नाम परिवर्तन के साथ और व्यापक होती गई।
गणेश जोशी ने कहा कि अब वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिन का गारंटीशुदा रोजगार प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना में सामान्य राज्यों के लिए 60:40 तथा हिमालयी एवं पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10 का केंद्र-राज्य वित्तीय अनुपात निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रिटेनिंग वॉल को अनुमन्य कार्यों में शामिल किया गया है।
मंत्री जोशी ने बताया कि कृषि के व्यस्त समय को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार वर्ष में 60 दिन ऐसे निर्धारित कर सकेगी, जिनमें योजना के अंतर्गत कार्य नहीं कराया जाएगा। साथ ही जल जीवन मिशन के तहत निर्मित परिसंपत्तियों के रखरखाव, स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे तथा कृषि एवं आजीविका संवर्धन को योजना के अंतर्गत प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का बजट ₹86,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹95,692 करोड़ कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, राज्यमंत्री विनय रोहिला, राज्यमंत्री मंजीत राजू, मेयर दीपक बाली, जिलाध्यक्ष मनोज पाल, ब्लॉक प्रमुख चंद्र प्रथा, गुरविंदर चंडोक, मंडल अध्यक्ष अर्जुन, बृजेश पाल, जसपाल जस्सी, जिला महामंत्री अमित नारंग सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

