चारधाम यात्रा 2026: ‘अतिथि देवो भवः’ के भाव से होगा स्वागत, डीएम सविन बंसल ने 15 अप्रैल तक सभी तैयारियां पूर्ण करने के दिए निर्देश
देहरादून।पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा-2026 को सरल, सुगम, व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने हेतु देहरादून जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। गुरुवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रशासनिक दायित्व के साथ श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और समर्पण का अवसर है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि धनाभाव किसी भी व्यवस्था में बाधा नहीं बनेगा। यदि किसी विभाग को अतिरिक्त बजट की आवश्यकता हो तो तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें, जिला प्रशासन गेप फंडिंग सुनिश्चित करेगा। सभी विभागों को 15 अप्रैल तक समस्त व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
ऋषिकेश में 30 तथा विकासनगर में 20 पंजीकरण काउंटर 24 घंटे संचालित किए जाएंगे। प्रशिक्षित ऑपरेटर, पर्याप्त स्टाफ और सुदृढ़ नेटवर्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मोबाइल पंजीकरण टीमें भी तैनात रहेंगी। ऑफलाइन पंजीकरण, क्यू मैनेजमेंट, शेड निर्माण एवं बैठने की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों की सुविधा हेतु होल्डिंग एरिया, पार्किंग स्थल, प्रमुख चौक-चौराहों एवं यात्रा मार्गों पर होटल, धर्मशाला, आश्रमों के दूरभाष नंबर, हेल्पलाइन एवं कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से आवश्यक सूचनाओं का प्रसारण किया जाएगा।
ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप, आईडीपीएल, कटापत्थर, हरबर्टपुर एवं नया गांव सहित विभिन्न होल्डिंग एरिया में जर्मन हैंगर स्थापित किए जाएंगे। यहां मेडिकल चेकअप, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की जाएगी। स्वयं सहायता समूहों को भोजन व्यवस्था में प्राथमिकता दी जाएगी तथा फूड पैकेट की पृथक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
परिवहन विभाग को यात्रा हेतु पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था, फिटनेस जांच, ग्रीन कार्ड जारी करने एवं ट्रिप कार्ड की वैकल्पिक मैनुअल व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। होल्डिंग एरिया तक शटल सेवा भी संचालित की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग को विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस एवं टेस्टिंग किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा हेल्थ एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को डिवाइडर, पैराफिट, प्रकाश व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा प्रबंध मजबूत करने को कहा गया है। जल संस्थान द्वारा टीटीएसपी, वाटर एटीएम व टैंकरों से पेयजल आपूर्ति तथा विद्युत विभाग द्वारा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के लिए नोडल एवं सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस, होमगार्ड, पीआरडी एवं वालंटियर की पर्याप्त तैनाती कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की प्रतिबद्धता है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुखद यात्रा का अनुभव मिले तथा देवभूमि उत्तराखंड की ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा का सकारात्मक संदेश देश-विदेश तक पहुंचे।

