HTML tutorial
HTML tutorial

उत्तराखण्ड में एलपीजी व पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य, चारधाम यात्रा से पहले सरकार ने बढ़ाई तैयारियां

उत्तराखण्ड में एलपीजी व पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य, चारधाम यात्रा से पहले सरकार ने बढ़ाई तैयारियां
Spread the love

देहरादून। प्रदेश में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर स्थिति सामान्य बनी हुई है। यह जानकारी अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले) पीएस पांगती ने पीआईबी देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दूरदर्शन केंद्र देहरादून में आयोजित इस प्रेस वार्ता में पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों के मद्देनजर प्रदेश की तैयारियों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। उन्होंने बताया कि राज्य में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है तथा अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

कमर्शियल एलपीजी के संबंध में उन्होंने बताया कि 66 प्रतिशत वितरण के लिए एसओपी जारी की गई है, जिसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, गेस्ट हाउस, होम-स्टे और उद्योगों को प्रतिदिन 6,310 सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चारधाम यात्रा और विवाह सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष तैयारियां की हैं तथा भारत सरकार से अप्रैल से नवंबर तक 100 प्रतिशत आवंटन बनाए रखने के साथ 5 प्रतिशत अतिरिक्त कोटे की मांग भी की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों और विद्यार्थियों के लिए 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिन्हें पहचान पत्र के आधार पर किसी भी गैस एजेंसी से प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही सभी एजेंसियों को होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों को अप्रैल माह में तीन माह (अप्रैल, मई, जून) का राशन एक साथ वितरित किया जा रहा है। प्रदेश के लगभग 14 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है।
एलपीजी की पैनिक बुकिंग पर उन्होंने बताया कि 15 मार्च को अधिकतम 90 हजार बुकिंग दर्ज की गई थी, जबकि 6 अप्रैल को यह संख्या घटकर 45 हजार रह गई, जो सामान्य स्थिति को दर्शाता है।

पीएनजी और सीएनजी आपूर्ति पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में पांच सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्यरत हैं और घरेलू पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं। वर्तमान में लगभग 37 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रदेश में लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक 6,205 निरीक्षण और 373 छापेमारी की कार्रवाई की गई है, जिसमें 19 एफआईआर दर्ज, 7 गिरफ्तारियां और 16 नोटिस जारी किए गए हैं।

देवभूमि खबर

Related articles