HTML tutorial
HTML tutorial

विज्ञान व नवाचार के दौर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की जरूरत: प्रो सुरेखा डंगवाल

विज्ञान व नवाचार के दौर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की जरूरत: प्रो सुरेखा डंगवाल
Spread the love

देहरादून। दून विश्वविद्यालय, देहरादून में सेशेल्स गणराज्य के 27 वरिष्ठ सिविल सेवकों के प्रतिनिधिमंडल ने शैक्षणिक भ्रमण किया। यह भ्रमण हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय सहयोग के अंतर्गत आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम का हिस्सा था। इसका उद्देश्य लोक प्रशासन, सुशासन एवं सार्वजनिक सेवा वितरण के क्षेत्र में ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ दून विश्वविद्यालय के भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. भूपेंद्र सिंह बिष्ट के स्वागत संबोधन से हुआ। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति कार्यालय के सूचना विभाग की प्रधान सचिव सुश्री गिनी लुकास ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि छोटा देश होने के बावजूद सेशेल्स अपने नागरिकों के विकास एवं कल्याण के लिए उच्च आकांक्षाएँ रखता है।

दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने मुख्य वक्तव्य देते हुए शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा ज्ञान एवं प्रशासनिक अनुभवों के आदान-प्रदान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि आपसी समझ और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने पारिस्थितिक संरक्षण, युवाओं के विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जल संरक्षण, नदियों का पुनर्जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निरंतर सीखने की प्रक्रिया किसी भी देश के सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

इस अवसर पर दून विश्वविद्यालय के डीन एवं अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. राजेंद्र पी. ममगाईं ने ‘स्थानीय स्वशासन एवं विकेंद्रीकरण’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने स्थानीय संस्थाओं की भूमिका, प्रशासनिक जवाबदेही, नागरिक सहभागिता तथा विकेंद्रीकृत शासन व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्र के दौरान प्रतिनिधिमंडल और विश्वविद्यालय के शिक्षाविदों के बीच विचारों एवं अनुभवों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ।

भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय तथा डॉ. नित्यानंद हिमालयी शोध एवं अध्ययन केंद्र का दौरा किया और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम में भूगोल एवं सामाजिक विज्ञान विभागों के संकाय सदस्य तथा भूगोल विभाग के पीएच.डी. शोधार्थी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के डॉ. संजीव शर्मा और श्री बृजेश बिष्ट ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

यह शैक्षणिक भ्रमण भारत और सेशेल्स के बीच शैक्षणिक एवं संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ करने तथा सुशासन और लोक प्रशासन के क्षेत्र में आपसी समझ को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।

देवभूमि खबर

Related articles