महिला आरक्षण पर कांग्रेस का हमला, सुप्रिया श्रीनेत बोलीं— लोकतंत्र से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की अध्यक्ष और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर लोकतंत्र, संविधान और संघीय ढांचे के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को जानबूझकर परिसीमन और पुरानी जनगणना से जोड़ दिया गया, जिससे इसे लागू करना कठिन बना दिया गया। साथ ही कानून में OBC वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसके नाम पर देश को बांटने की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह प्रयास राजनीतिक नक्शा बदलने और संविधान पर प्रहार करने जैसा है।
उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि उन्नाव, हाथरस, महिला खिलाड़ियों और अंकिता भंडारी जैसे मामलों में सरकार की भूमिका निराशाजनक रही है। उन्होंने मणिपुर की स्थिति का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बिना जातिगत जनगणना के न्यायसंगत आरक्षण संभव नहीं है और OBC महिलाओं के लिए अलग आरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का महिला आरक्षण के प्रति विरोध का इतिहास रहा है, जबकि कांग्रेस ने 73वें और 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण प्रस्ताव लाती है तो कांग्रेस पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी विधानसभा सीट महिला के लिए आरक्षित होती है, तो वह इसे खुशी-खुशी छोड़ने को तैयार हैं।
प्रेस वार्ता में गरिमा मेहरा दसौनी, सरदार अमरजीत सिंह, अभिनव थापर और शीशपाल सिंह बिष्ट सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

