“प्रतिष्ठा और उधारी बनी हत्या की वजह” — चमोली पुलिस ने एक माह पुराने ब्लाइंड मर्डर का किया खुलासा
चमोली।कर्णप्रयाग क्षेत्र में एक माह पूर्व अलकनंदा नदी किनारे मिले अज्ञात शव के मामले का चमोली पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन में गठित एसआईटी और एसओजी टीम की वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई गई।
10 मार्च 2026 को अलकनंदा नदी किनारे लंगासू क्षेत्र में चण्डिका माता मंदिर के नीचे एक अज्ञात शव मिला था, जिसके हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे। मृतक के हाथ पर “SOORAJ PUROHIT” लिखा होने के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। 72 घंटे तक पहचान न होने पर पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। बाद में 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने सोशल मीडिया के माध्यम से शव की पहचान अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में की।
जांच में सामने आया कि मृतक नंदप्रयाग क्षेत्र में एक होटल में ठहरा हुआ था और स्थानीय ढाबे में कार्य कर रहा था। पूछताछ और सर्विलांस के दौरान पुलिस को नरेन्द्र तोपाल पर संदेह हुआ, जिसने मृतक से ₹10,000 उधार लिए थे। सीसीटीवी फुटेज में 16 फरवरी की रात आरोपी को शव को कार में ले जाकर झूलाबगड़ पुल की ओर जाते और लौटकर वाहन धोते हुए देखा गया।
सख्ती से पूछताछ में आरोपी नरेन्द्र सिंह तोपाल ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए बताया कि उधारी और सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने से आहत होकर उसने 16 फरवरी को सूरज पुरोहित की हत्या कर दी और शव को पुल से नदी में फेंक दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए मृतक का मोबाइल और अन्य सामान भी नदी में बहा दिया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अल्टो कार (UK12A-3212) और रस्सी बरामद की है। आरोपी नरेन्द्र सिंह तोपाल, निवासी ग्राम धारकोट, थाना व जिला चमोली को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। एफएसएल टीम द्वारा वाहन से महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं।
इस सफल खुलासे पर अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) और पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए ₹5,000 का पुरस्कार प्रदान किया है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय नेगी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।

