स्वयं सहायता समूहों ने ITBP को की बकरियों की सफल आपूर्ति, महिलाओं की आजीविका को मिली नई उड़ान
पिथौरागढ़। आईएफएडी द्वारा वित्त पोषित एवं राज्य सरकार के सहयोग से संचालित ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ में महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन से जोड़ने की दिशा में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में विकासखंड बिण के ग्राम बालाकोट स्थित सागर सीएलएफ से जुड़े लाटुवाबाबा स्वयं सहायता समूह, जय गणेश स्वयं सहायता समूह एवं महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह की महिलाओं — श्रीमती शांति देवी, श्रीमती खीमा देवी और प्रीति द्वारा पशुपालन विभाग के माध्यम से 14 वाहिनी मुख्यालय जाजरदेवल, पिथौरागढ़ को 486 किलोग्राम जीवित बकरियों की सफल आपूर्ति की गई। इस आपूर्ति में कुल 10 बकरियां एवं 10 बकरे शामिल रहे।
ग्रामीण महिलाओं द्वारा सामूहिक प्रयासों से पशुपालन गतिविधियों को व्यवसायिक स्वरूप देकर बाजार से जोड़ना उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। यह पहल दर्शाती है कि उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी कदम बढ़ा सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी से डॉ. रिशु, पशुपालन विभाग से डॉ. प्रियंका तथा ग्रामोत्थान परियोजना से आजीविका समन्वयक किरन ग्वाल एवं उनकी टीम उपस्थित रही। अधिकारियों ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे स्थानीय आजीविका संवर्धन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
अपर सचिव ग्राम्य विकास विभाग एवं परियोजना निदेशक उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति सुश्री झरना कमठान के मार्गदर्शन तथा मुख्य विकास अधिकारी पिथौरागढ़ के सहयोग से जनपद में स्वयं सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल स्थापित हो रही है।

