राज्य आंदोलनकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री को दी श्रद्धांजलि, राज्यहित में किए कार्यों को किया यादन्यूज
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, महामंत्री रामलाल खंडूड़ी एवं पृथ्वी सिंह नेगी ने कहा कि जनरल खंडूड़ी का जीवन राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और उत्तराखंड हितों के प्रति समर्पण का उदाहरण था। उन्होंने भारतीय सेना में रहते हुए भारत-पाक युद्ध में सेवाएं दीं और बाद में सांसद एवं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के रूप में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहते हुए जनरल खंडूड़ी ने ईमानदार और पारदर्शी प्रशासन दिया। बेरोजगार युवाओं को लाभ पहुंचाने के लिए उन्होंने सरकारी नौकरियों में साक्षात्कार समाप्त कर केवल अंकों के आधार पर चयन की व्यवस्था लागू की। उनकी कार्यशैली स्पष्ट, अनुशासित और जनहितकारी थी।
प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, सलाहकार केशव उनियाल एवं द्वारिका बिष्ट ने कहा कि जनरल खंडूड़ी ने लोकायुक्त व्यवस्था लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की थी। मंच की मांग पर उन्होंने 250 वर्गमीटर तक के सख्त भू-कानून का प्रावधान लागू कराया। साथ ही राज्य आंदोलनकारियों एवं शहीदों के परिजनों के लिए पेंशन, मुफ्त शिक्षा, परिवहन एवं चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
मंच पदाधिकारियों ने कहा कि जनरल खंडूड़ी हमेशा शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान के लिए संवेदनशील रहे। सड़क परिवहन मंत्री रहते हुए उन्होंने उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं पुलों के निर्माण को प्राथमिकता दी।
शोक व्यक्त करने वालों में रविन्द्र जुगरान, ओमी उनियाल, सतेन्द्र भण्डारी, हरी सिंह मेहर, विनय बलूनी, पूरण सिंह लिंगवाल, जयदीप सकलानी, संजय बलूनी, रतन अमोली, विजय बलूनी, मोहन सिंह रावत, सुरेश विरमानी, मनोज नौटियाल, विनोद असवाल, गौरव खंडूड़ी, प्रभात डण्डरियाल, सुमित थापा, राकेश नौटियाल, पुष्पलता सिलमाणा, सुलोचना भट्ट, तारा पाण्डे सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी शामिल रहे।

