निवेदिता कुकरेती ने संभाली कुमायूँ परिक्षेत्र की कमान, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा रहेंगी प्राथमिकता
नैनीताल। भारतीय पुलिस सेवा की वरिष्ठ अधिकारी निवेदिता कुकरेती ने पुलिस महानिरीक्षक, कुमायूँ परिक्षेत्र का विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने परिक्षेत्रीय कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया तथा कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में आईजी कुमायूँ ने कहा कि कानून एवं शांति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, नशे के खिलाफ अभियान चलाना तथा जनशिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को और सशक्त बनाने पर भी जोर दिया।
कैंची धाम मेला और पर्यटन सीजन पर विशेष फोकस
आईजी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि आगामी कैंची धाम स्थापना दिवस, पर्यटन सीजन और बढ़ती पर्यटक गतिविधियों को देखते हुए श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुरक्षित, सुगम और अवरोध रहित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, शटल सेवाएं, डायवर्जन प्लान और भीड़ नियंत्रण संबंधी व्यापक कार्ययोजना लागू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण, तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग, स्मार्ट पुलिसिंग और अपराध विश्लेषण प्रणाली को मजबूत बनाने के साथ-साथ पुलिस कर्मियों के कल्याण एवं क्षमता विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अपराध और यातायात प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए समन्वित रणनीति अपनाई जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में आईजी ने कहा कि समाज में शांति, सुरक्षा और जनजागरूकता बढ़ाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय से जनहित से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।
पत्रकार वार्ता के बाद आईजी निवेदिता कुकरेती स्वयं कैंची धाम पहुंचीं और आगामी मेले एवं पर्यटन सीजन की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात व्यवस्था, पार्किंग स्थलों, सुरक्षा प्रबंधों, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों से भी समन्वय बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन, मंदिर समिति और अन्य संबंधित विभाग मिलकर कार्य करेंगे।

