रुद्रप्रयाग में ‘खेत बचाओ अभियान’ को मिली नई गति, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों को वैज्ञानिक व प्राकृतिक खेती अपनाने का दिया संदेश

रुद्रप्रयाग। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “खेत बचाओ अभियान” के तहत विकासखंड जखोली के ग्राम मेदनपुर में कृषक गोष्ठी एवं कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि एवं जनपद रुद्रप्रयाग के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से सीधा संवाद करते हुए आधुनिक, वैज्ञानिक और प्राकृतिक खेती को अपनाने पर बल दिया।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में मिलेट्स और चौलाई से बने लड्डुओं को केदारनाथ एवं बदरीनाथ धाम में प्रसाद के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में 50 हजार पॉलीहाउस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके प्रथम चरण में 16 हजार पॉलीहाउस लगाए जाएंगे। इसके अलावा मिलेट्स, ड्रैगन फ्रूट, कीवी और सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सब्सिडी प्रदान की जा रही है। अरोमा मिशन के तहत 91 हजार किसानों को जोड़ने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
मंत्री ने मेदनपुर के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के कृषक नई तकनीकों को अपनाकर खेती में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेत किसान की आत्मा हैं और प्राकृतिक आपदाओं व अन्य जोखिमों से फसलों की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा मिलेट्स एवं चौलाई से तैयार किए जा रहे लड्डुओं का अवलोकन किया और महिलाओं के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा स्थापित फूलों की खेती, जियो टैंक और पॉलीहाउस का निरीक्षण भी किया।
इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रुद्रप्रयाग पूर्णतः जैविक जनपद है। यदि जिले में कोई व्यक्ति रासायनिक उर्वरकों की बिक्री करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

