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धाद प्रतिनिधिमंडल ने महानिदेशक उद्यान से की मुलाकात, माल्टा मिशन और स्टोन फ्रूट विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

धाद प्रतिनिधिमंडल ने महानिदेशक उद्यान से की मुलाकात, माल्टा मिशन और स्टोन फ्रूट विकास पर हुई विस्तृत चर्चा
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देहरादून।11 जून को धाद के प्रतिनिधिमंडल ने महानिदेशक कृषि एवं उद्यान सुश्री वंदना सिंह से मुलाकात कर स्टोन फ्रूट के विकास, माल्टा मिशन तथा बागवानी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में हर्षमणि व्यास, तन्मय ममगाईं, आशुतोष शर्मा और नीलेश नेगी शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने धाद के माल्टा अभियान के प्रस्ताव पर शासन द्वारा की गई सकारात्मक पहल के लिए आभार व्यक्त किया और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित माल्टा मिशन की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस पर महानिदेशक ने बताया कि मिशन के प्रस्ताव पर कार्य जारी है और आगामी माल्टा सीजन से पहले इसके ठोस परिणाम दिखाई देने लगेंगे।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने माल्टा और नारंगी के लिए सम्मानजनक न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने तथा बेहतर पैकेजिंग व्यवस्था विकसित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही स्टोन फ्रूट के संबंध में प्रस्तुत मांगपत्र पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए महानिदेशक ने कहा कि फिलहाल नया मिशन शुरू करना संभव नहीं है, लेकिन मौजूदा योजनाओं के तहत चयनित क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित विकास कर प्रभावी कार्य किया जा सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने यात्रा मार्गों के आसपास स्टोन फ्रूट उत्पादन को बढ़ावा देने का सुझाव भी दिया, ताकि पर्यटन सीजन और फलों की उपलब्धता का लाभ किसानों को मिल सके। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई, जिससे किसानों को पौधों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।

बागवानी क्षेत्र में श्रमिकों की कमी को गंभीर चुनौती बताते हुए प्रतिनिधिमंडल ने इस दिशा में नीतिगत पहल की आवश्यकता पर बल दिया। महानिदेशक ने कहा कि आधुनिक कृषि एवं बागवानी उपकरणों के उपयोग से इस समस्या का समाधान खोजा जा सकता है और विभाग इस संबंध में सुझावों का स्वागत करेगा।

हाईटेक नर्सरी और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण पौधों की उपलब्धता के प्रस्ताव पर महानिदेशक ने बताया कि आधुनिक नर्सरी विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं तथा जिलों में उद्यान विभाग के अधिकारियों की तैनाती भी इसी उद्देश्य से की गई है।

प्रतिनिधिमंडल ने सभी सक्रिय किसानों के लिए उद्यान कार्ड की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि इससे किसानों को मिलने वाली योजनाओं और अनुदानों का सटीक रिकॉर्ड रखने के साथ-साथ उत्पादन संबंधी आंकड़ों की प्रभावी निगरानी भी संभव हो सकेगी।

देवभूमि खबर

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