आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सड़े-गले अंडे देने का आरोप, जन संघर्ष मोर्चा ने मंत्री रेखा आर्य को घेरा

विकासनगर ।जन संघर्ष मोर्चा ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को वितरित किए जा रहे अंडों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में टीम ने जनता की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अंडों की गुणवत्ता की जांच की।
मोर्चा का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्लाई किए जा रहे कई अंडे सड़े-गले हैं, जिनमें कीड़े निकल रहे हैं और उन्हें फोड़ने पर बदबू आ रही है। साथ ही अंडों का आकार भी बेहद छोटा बताया गया।
नेगी ने आरोप लगाया कि सप्लाई करने वाले ठेकेदार अथर्व एंटरप्राइजेज द्वारा मानकों के विपरीत अंडे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार दो से तीन माह का अंडों का कोटा एक साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भेज दिया जाता है।
रघुनाथ सिंह नेगी ने इस संबंध में बाल विकास निदेशक बंसी राणा से दूरभाष पर वार्ता कर नाराजगी जताई। उनके अनुसार निदेशक ने स्वीकार किया कि अंडों के आकार को लेकर पूर्व में भी पत्राचार किया जा चुका है।
मोर्चा ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य पर ठेकेदार पर नियंत्रण नहीं रखने और मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। संगठन ने सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
इस दौरान मोर्चा टीम में दिलबाग सिंह, पछवादून अध्यक्ष अमित जैन एवं ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

