CBI की बड़ी कार्रवाई: DGMS के डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग) समेत तीन रिश्वतखोर गिरफ्तार, ₹2 लाख लेते रंगे हाथ पकड़ा

CBI की बड़ी कार्रवाई: DGMS के डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग) समेत तीन रिश्वतखोर गिरफ्तार, ₹2 लाख लेते रंगे हाथ पकड़ा
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हैदराबाद/विजयवाड़ा। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए DGMS, हैदराबाद-III रीजन, साउथ सेंट्रल जोन के डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग), एक कंसल्टेंट/बिचौलिये और निजी खनन प्रतिष्ठान के प्रतिनिधि समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों को 17 अगस्त 2026 को ट्रैप कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया।

CBI के अनुसार, मामले में 17 अगस्त को ही डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग), कंसल्टेंट/मिडिलमैन, निजी खनन प्रतिष्ठान के प्रतिनिधियों तथा अन्य अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि खनन दुर्घटना की जांच में अनुकूल रिपोर्ट देने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी।

जांच के मुताबिक, 25 जून 2026 को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले की एक खदान में जानलेवा हादसा हुआ था। हादसे के बाद संबंधित खनन प्रतिष्ठान के प्रतिनिधियों ने एक कंसल्टेंट/बिचौलिये के माध्यम से DGMS के डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग) से संपर्क किया। आरोप है कि खनन प्रतिष्ठान के मालिकों को जिम्मेदार ठहराए बिना अनुकूल जांच रिपोर्ट दिलाने के लिए रिश्वत का लेनदेन किया गया।

CBI के अनुसार, बिचौलिये ने इससे पहले कथित तौर पर ₹1 लाख की रिश्वत डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग) को अनुकूल रिपोर्ट के लिए दी थी। इसके बाद 17 अगस्त को ओंगोल में डिप्टी डायरेक्टर को ₹2 लाख की रिश्वत देने की व्यवस्था की गई। यह राशि कथित तौर पर हादसे के मामले में अनुकूल रिपोर्ट हासिल करने के साथ-साथ निजी खनन प्रतिष्ठान और अन्य खदानों से संबंधित कथित त्रैमासिक रिश्वत भुगतान के लिए थी।

CBI ने 17 अगस्त को जाल बिछाकर कार्रवाई की और डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग) को बिचौलिये से ₹2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ट्रैप के दौरान रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई। कार्रवाई के समय निजी खनन प्रतिष्ठान का प्रतिनिधि भी मौजूद था।

गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान शुरू किया। ओंगोल, कडप्पा और हैदराबाद स्थित आरोपियों के परिसरों पर जांच और तलाशी जारी है।

CBI के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों—डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग), निजी खनन प्रतिष्ठान के प्रतिनिधि और कंसल्टेंट/मिडिलमैन—को 18 अगस्त 2026 को विजयवाड़ा की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

देवभूमि खबर

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