मणिपुर में ईडी की बड़ी कार्रवाई, ₹1.99 करोड़ की दो अचल संपत्तियां अटैच

इंफाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के इम्फाल सब-जोनल कार्यालय ने मणिपुर के कांगपोकपी और इम्फाल ईस्ट जिलों में स्थित दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इन संपत्तियों में आवासीय भूमि के साथ उस पर निर्मित मकान शामिल हैं। इनकी कुल कीमत करीब ₹1.99 करोड़ है। कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 5(1) के तहत की गई है।
यह कार्रवाई तत्कालीन इंस्पेक्टर, कस्टम्स एंड सेंट्रल एक्साइज सेइखोलेन किपगेन और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है। ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एंटी करप्शन ब्रांच, इम्फाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। सीबीआई ने इस मामले में 22 दिसंबर 2022 को सक्षम विशेष अदालत के समक्ष चार्जशीट भी दाखिल की थी।
ईडी की जांच में सामने आया कि 1 जनवरी 2015 से 3 दिसंबर 2021 के बीच सेइखोलेन किपगेन और उनके परिवार के सदस्यों की संपत्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से करीब ₹1.99 करोड़ अधिक पाई गई।
जांच के अनुसार, कथित अवैध एवं बेहिसाबी धन को सेइखोलेन किपगेन ने अपने ससुर के पास सुरक्षित रखने के लिए दिया था। बाद में उनके ससुर ने इस धनराशि को अपने बैंक खाते में जमा कर सेइखोलेन किपगेन, उनकी पत्नी अथवा तीसरे पक्ष को हस्तांतरित किया या उनके निर्देश पर विक्रेताओं को सीधे भुगतान किया।
ईडी के मुताबिक, इस धन का इस्तेमाल पत्नी के नाम पर भूमि खरीदने और उस पर आवासीय भवन के निर्माण में किया गया। बाद में इस रकम को ससुर की ओर से दिए गए उपहार के रूप में पेश कर कथित तौर पर वैध धन के रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया। जांच में ससुर की स्वतंत्र वित्तीय क्षमता भी संदिग्ध पाई गई।
ईडी ने बताया कि अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) का इस्तेमाल अचल संपत्तियों की खरीद और निर्माण में किया गया। इनमें से एक संपत्ति सेइखोलेन किपगेन और दूसरी उनकी पत्नी श्रीमती वाहनेइतhem लूसी किपगेन के नाम पर है। इन्हीं संपत्तियों को अपराध से अर्जित आय के बराबर मूल्य का प्रतिनिधित्व करने वाली संपत्ति मानते हुए PMLA के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।

