शहादत को चुनावी लाभ से तौलना भाजपा की संवेदनहीन सोच: गणेश गोदियाल

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सैन्य धाम के निर्माण और लोकार्पण को लेकर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी को चुनावी लाभ के तराजू पर तौलना भाजपा की संकीर्ण और संवेदनहीन राजनीतिक सोच को दर्शाता है।
गोदियाल ने कहा कि मंत्री गणेश जोशी का यह कहना कि “हम राजनीतिक दल हैं, इसका चुनावी लाभ लेंगे, हम साधु-संत नहीं हैं” शहीदों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सैन्य परंपरा, वीर जवानों की शहादत और सैनिक परिवारों की भावनाओं का प्रतीक है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सैन्य धाम को पांच वर्षों तक लंबित रखने और चुनाव नजदीक आने पर उसके राजनीतिक लाभ की बात करना शहीद परिवारों की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मंत्री किसी शहीद की विधवा, बच्चों या बुजुर्ग माता-पिता के सामने खड़े होकर यह कह सकते हैं कि सैन्य धाम के लोकार्पण में देरी चुनावी लाभ के लिए की गई?
गोदियाल ने सैन्य धाम की बढ़ती लागत को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने परियोजना की पूरी समय-रेखा, अब तक हुए खर्च और लागत में वृद्धि के कारणों को सार्वजनिक करने तथा इस संबंध में श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग से जुड़े कथित घोटाले, मंत्री से जुड़े संपत्ति संबंधी आरोप और सैन्य धाम की बढ़ती लागत जैसे मुद्दों पर सरकार को जनता के सामने पारदर्शी तरीके से जवाब देना चाहिए। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
गोदियाल ने कहा कि शहीदों की शहादत किसी राजनीतिक दल का चुनावी पोस्टर नहीं है। उत्तराखंड की जनता सैनिकों के सम्मान और उनकी कुर्बानी को राजनीतिक लाभ-हानि के चश्मे से देखे जाने को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने भाजपा से पूछा कि सैन्य धाम शहीदों को श्रद्धांजलि देने का स्थल है या चुनावी प्रचार का मंच?
उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और इस वीरभूमि की आत्मा है।
