हत्या के प्रयास के दो वांछित गिरफ्तार,पुलिस ने एक आरोपी नोएडा तो दूसरा सुद्धोवाला से दबोचा

देहरादून। अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने एक आरोपी को उत्तर प्रदेश के नोएडा से, जबकि दूसरे को देहरादून के सुद्धोवाला क्षेत्र से दबोचा। दोनों अभियुक्त गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार, 19 मई 2026 की रात करीब नौ बजे सुशील मौर्य पर हिमांशु डंगवाल उर्फ मिंटू ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बेसबॉल के डंडे से जानलेवा हमला किया था। हमले में सुशील मौर्य के सिर पर कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी उन्हें मृत समझकर मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे। गंभीर हालत में सुशील मौर्य को उपचार के लिए जौलीग्रांट स्थित आईसीयू में भर्ती कराया गया था।
घटना के संबंध में घायल की पुत्री की तहरीर पर थाना नेहरू कॉलोनी में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर आवश्यक निर्देश दिए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 31 मई 2026 को मुख्य आरोपी हिमांशु डंगवाल उर्फ मिंटू को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।
मुख्य आरोपी से पूछताछ के दौरान उसके अन्य साथियों विक्रम सिंह राणा उर्फ विक्की राणा और पवनजीत मीना उर्फ जीत के नाम सामने आए। दोनों के विरुद्ध न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी देहरादून की ओर से 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
विवेचना के क्रम में पुलिस टीम ने 3 सितंबर 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए विक्रम सिंह राणा उर्फ विक्की राणा, उम्र 38 वर्ष, निवासी एकता विहार, अजबपुर खुर्द, थाना नेहरू कॉलोनी, देहरादून को नोएडा, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया।
वहीं, दूसरे आरोपी पवनजीत मीना उर्फ जीत, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम वैर, थाना वैर, जिला भरतपुर, राजस्थान, हाल निवासी साईं विहार, झाझरा, सुद्धोवाला, थाना प्रेमनगर, देहरादून को सुद्धोवाला क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस टीमों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी और आखिरकार दोनों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध थाना नेहरू कॉलोनी में मु0अ0सं0 179/2026, धारा 109(1), 3(5) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत है।
गिरफ्तार अभियुक्त विक्रम सिंह राणा उर्फ विक्की राणा का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके विरुद्ध वर्ष 2017 में थाना क्राइम ब्रांच दिल्ली में धारा 66(c) आईटी एक्ट तथा धारा 381, 408 आईपीसी के तहत अभियोग दर्ज रहा है।
अभियुक्तों की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक विनय मोहन द्विवेदी, चौकी प्रभारी बाईपास, थाना नेहरू कॉलोनी, हेड कांस्टेबल श्रीकांत ध्यानी, कांस्टेबल विनोद बचकोटी, हितेश कुमार, सुमित चौधरी तथा किरण की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
