देहरादून भूमि धोखाधड़ी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी नवीन कुमार मित्तल गिरफ्तार

देहरादून। प्रवर्तन निदेशालय (ED), देहरादून ने बड़े पैमाने पर हुए भूमि धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी नवीन कुमार मित्तल को 3 सितंबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे देहरादून स्थित विशेष PMLA न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने आरोपी को 5 दिन की ED हिरासत में भेज दिया।
ED के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस द्वारा देहरादून में भूमि अभिलेखों में हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन की धोखाधड़ीपूर्ण बिक्री से संबंधित कई FIR दर्ज किए जाने के बाद मामले में जांच शुरू की गई थी। इनमें से दो मामलों में पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं, जिनमें नवीन कुमार मित्तल को मुख्य आरोपी और कथित तौर पर धोखाधड़ी का प्रमुख लाभार्थी बताया गया है।
ED की जांच में सामने आया कि नवीन कुमार मित्तल ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने सह-आरोपियों को जमीन का वास्तविक मालिक बताकर निर्दोष खरीदारों को जमीन बेच दी। इन बिक्री सौदों से प्राप्त रकम में करीब ₹3.24 करोड़ की अपराध से अर्जित धनराशि (Proceeds of Crime) शामिल थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह धनराशि सह-आरोपी के नाम पर खोले गए बैंक खाते में जमा की गई और बाद में मित्तल के नियंत्रण वाली विभिन्न संस्थाओं में स्थानांतरित कर दी गई। CFSL द्वारा मूल बैंक रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच में यह सामने आया कि उक्त बैंक खाते का संचालन वास्तव में नवीन कुमार मित्तल स्वयं कर रहा था।
ED ने बताया कि आरोपी को कई बार समन जारी किए गए, लेकिन उसने जांच में शामिल होने से परहेज किया। उस पर गवाहों को प्रभावित करने तथा अपने रिश्तेदारों को एजेंसी के समक्ष बयान देने से रोकने का भी आरोप है। जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी ने कथित रूप से नए दस्तावेज तैयार कर संदिग्ध लेनदेन को वैध साबित करने का प्रयास भी किया।
अगस्त 2026 में ED द्वारा आरोपी के परिसरों पर की गई तलाशी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। जांच के दौरान मित्तल की अन्य भूमि धोखाधड़ी में संलिप्तता के संकेत भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है।
इस मामले में ED इससे पहले हुमायूं परवेज, मोहम्मद वकील और मुकेश कुमार गुप्ता के खिलाफ देहरादून की विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है।
ED के अनुसार, फर्जी राजस्व अभिलेखों और जाली स्वामित्व दस्तावेजों के जरिए भूमि धोखाधड़ी उत्तराखंड में गंभीर आर्थिक अपराध के रूप में सामने आई है। एजेंसी ने कहा कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि ऐसे अपराधों से अर्जित धन का सृजन और शोधन करने वालों के खिलाफ PMLA के तहत कार्रवाई की जाएगी तथा अपराध से अर्जित संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें कुर्क और जब्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
