ज्योलीकोट में जलजनित बीमारी से दो मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट, सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डे ने किया प्रभावित गांवों का दौरा

ज्योलीकोट में जलजनित बीमारी से दो मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट, सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डे ने किया प्रभावित गांवों का दौरा
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नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल से करीब 20 किलोमीटर दूर ज्योलीकोट क्षेत्र में विगत दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद जलजनित बीमारी के फैलने से प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। क्षेत्र में बीमारी की चपेट में आने से एक युवक और एक महिला सहित दो लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दर्जनों ग्रामीण बीमार बताए जा रहे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने संबंधित विभागों की टीम के साथ ज्योलीकोट, गाजा, सरियाताल, छीड़ा सहित प्रभावित गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने बीमार व्यक्तियों और चिकित्सालय में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना तथा स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।

भ्रमण के दौरान सीडीओ ने क्षेत्र के जल स्रोतों का निरीक्षण किया। बीरभट्टी स्थित सीवरेज लाइन के चैंबर से हो रहे लीकेज का स्थलीय निरीक्षण करते हुए जल संस्थान को उसकी मरम्मत और आवश्यक शिफ्टिंग का कार्य तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए।

सीडीओ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से डोर-टू-डोर ब्लड सैंपलिंग और वायरस सैंपलिंग की जाए। प्रत्येक घर में जाकर लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक किया जाए, स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं और बीमार व्यक्तियों का उचित उपचार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को समय पर हायर सेंटर रेफर किया जाए। मेडिकल टीम एम्बुलेंस के साथ लगातार क्षेत्र में मौजूद रहेगी और ग्रामीणों के बीच जाकर बीमार लोगों की नियमित जांच व दवा उपलब्ध कराएगी।

मुख्य विकास अधिकारी ने जल संस्थान और पेयजल निगम को प्रत्येक जल स्रोत की नियमित सैंपलिंग, क्लोरीनेशन और पानी की शुद्धता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले तीन माह में पेयजल टैंकों, जल स्रोतों और घरों से लिए गए पानी के सैंपलों की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा।

सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिवार तक दूषित पानी नहीं पहुंचना चाहिए। इसके लिए जल स्रोत से लेकर अंतिम घर तक पानी के सैंपल लेकर जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन जल स्रोतों की सैंपलिंग में पानी दूषित पाया जाएगा, उन्हें तहसीलदार नैनीताल द्वारा सील किया जाएगा। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना जल संस्थान की जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डे ने बताया कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। जांच में जिस भी स्तर पर लापरवाही पाई जाएगी, संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि बीमारी के किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने या किसी व्यक्ति के बीमार होने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें।

निरीक्षण के दौरान क्षेत्र प्रमुख भीमताल डॉ. हरीश बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पाण्डे, ग्राम प्रधान बेलवाखान डॉ. बबीता मनराल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार पंत, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम अशोक कटारिया, एपीडी चंद्रा फर्त्याल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान मनीष पिल्लई, तहसीलदार अक्षय भट्ट और चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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