भाजपा की बारात सज गई, लेकिन दूल्हा गायब है : गरिमा मेहरा दसौनी

देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा की हालत आज ऐसी हो गई है कि “बारात तो सज गई है, लेकिन दूल्हा गायब है।” उत्तराखंड भाजपा में लंबे समय से प्रदेश प्रभारी का पद रिक्त पड़ा है और संगठनात्मक स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष का अचानक उत्तराखंड पहुंचकर कोर कमेटी और कार्यसमिति की बैठकें करना इस बात का संकेत है कि भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रभारी दुष्यंत गौतम और संगठन महामंत्री रहे अजय कुमार को लेकर भी समय-समय पर गंभीर आरोप सामने आते रहे हैं।
उन्होंने भाजपा नेतृत्व से सवाल किया कि क्या दुष्यंत गौतम की उत्तराखंड प्रभारी पद से विदाई हो चुकी है? यदि हां, तो नया प्रभारी कौन है और भाजपा इस संबंध में आधिकारिक घोषणा क्यों नहीं कर रही है?
कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि लंबे समय से उत्तराखंड भाजपा का संगठन निष्क्रिय दिखाई दे रहा था, लेकिन कांग्रेस के लगातार सफल और आक्रामक जनसरोकार वाले कार्यक्रमों ने भाजपा की नींद उड़ा दी है। उन्होंने कहा कि देहरादून में कांग्रेस के मुख्यमंत्री आवास घेराव में हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने भाजपा सरकार के खिलाफ जनता के आक्रोश को सामने रखा।
उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महिला अपराध, कानून व्यवस्था, भर्ती घोटालों, रोजगार के घटते अवसर, पलायन और मंदिरों के चंदे एवं दान से जुड़े विवादों सहित कई मुद्दों पर कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है।
गरिमा ने कहा कि उसी दिन भाजपा ने भी प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया, लेकिन उसके प्रदर्शन में अपेक्षित संख्या में लोग नहीं जुटे। इससे साफ है कि भाजपा के भीतर संगठनात्मक कमजोरी के साथ ही आंतरिक मतभेद भी बढ़ रहे हैं और जनता में सरकार के प्रति नाराजगी है।
उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ हुए व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्थिति को संभालने के बजाय उसे और बिगाड़ने का काम किया।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि नितिन नवीन शायद उसी राजनीतिक रायते को समेटने के लिए उत्तराखंड आ रहे हैं, जिसे मुख्यमंत्री धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मिलकर फैलाया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व को केवल बैठकों से उत्तराखंड की जनता के सवालों का जवाब नहीं मिलेगा। प्रदेश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे लगातार गंभीर बने हुए हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना, महिला अपराध, जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक, भू-माफिया और अवैध खनन के आरोपों सहित कई मामलों में सरकार पर सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि उत्तराखंड की जनता रोजगार, सुरक्षित माहौल, बेहतर सड़कें और स्वास्थ्य सुविधाएं मांग रही है, लेकिन भाजपा बैठकों और राजनीतिक प्रबंधन में व्यस्त है।
उन्होंने कहा कि नितिन नवीन को उत्तराखंड आकर केवल कोर कमेटी की बैठक नहीं करनी चाहिए, बल्कि भाजपा के भीतर और सरकार के बाहर दोनों जगह की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना चाहिए। उन्हें यह भी देखना चाहिए कि संगठन कार्यकर्ताओं से कितना जुड़ा है और जनता के बीच भाजपा सरकार की वास्तविक स्वीकार्यता कितनी बची है।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में उमड़ रहा जनसैलाब और भाजपा के कार्यक्रमों में दिखाई दे रही बेरुखी आने वाले विधानसभा चुनाव की तस्वीर का संकेत दे रही है। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा इस बात का भी संकेत है कि भाजपा चुनावी राजनीति के इस दौर में अपनी स्थिति को लेकर चिंतित है।
