ज्योलिकोट में दूषित पानी से बीमारी और मौतों पर हाईकोर्ट सख्त, स्वच्छ पेयजल व बेहतर इलाज के निर्देश

रिपोर्ट। ललित जोशी
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जनपद के ज्योलिकोट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के बाद दूषित पानी से फैल रही बीमारियों और दो लोगों की मौत के मामले का संज्ञान लिया है। न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और प्रभावित लोगों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी रश्मि पंत, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार, जल निगम के अधीक्षण अभियंता अनीश कुमार तथा चीफ इंजीनियर आलोक से मामले की जानकारी ली।
हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और बीमार लोगों को समुचित एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
खंडपीठ ने कुमाऊं क्षेत्र के लिए प्रस्तावित टेस्टिंग लैब के संबंध में संबंधित सचिव को जल्द निर्णय लेने को कहा है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तिथि निर्धारित की है।
