साइबर ठगी के खिलाफ STF की बड़ी कार्रवाई, 1930 पर शिकायत से 25.42 करोड़ रुपये बचाए

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देहरादून। साइबर ठगी के खिलाफ उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की कार्रवाई लगातार जारी है। राष्ट्रीय वित्तीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की टीम संबंधित बैंकों और नोडल अधिकारियों से समन्वय कर ठगी की रकम को तत्काल होल्ड करा रही है। वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 18 सितंबर तक 1930 कंट्रोल रूम के माध्यम से कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध पीड़ितों की करीब 25.42 करोड़ रुपये की धनराशि बचाई गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देश पर साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले 15 दिनों में भी कई मामलों में पीड़ितों की लाखों रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई। एसटीएफ के अनुसार, समय पर 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।

2 सितंबर को देहरादून की सुरेन्द्र कौर से ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए 1,95,982 रुपये की ठगी हुई थी। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए 1,27,742.06 रुपये होल्ड कराए गए। इसी दिन डोईवाला निवासी अलका नौटियाल की 50 हजार रुपये की ठगी की शिकायत पर 49,627 रुपये बचाए गए।

5 सितंबर को बागेश्वर निवासी ललित जोशी से 99,999 रुपये की साइबर ठगी हुई, जिसमें 66,283.76 रुपये होल्ड कराए गए। नैनीताल निवासी रघुवीर सिंह मटियाल की 1,41,930 रुपये की ठगी में 75,030.12 रुपये की धनराशि सुरक्षित कराई गई। 6 सितंबर को देहरादून निवासी बाबू राम की 96,999 रुपये की ठगी में 49,392.22 रुपये होल्ड कराए गए।

7 सितंबर को रुड़की निवासी पूनम की 97,999.61 रुपये की ठगी में लगभग पूरी रकम यानी 97,998.63 रुपये होल्ड कराई गई। 9 सितंबर को देहरादून निवासी प्रदीप की 50 हजार रुपये की ठगी की सूचना समय पर मिलने के कारण पूरी 50 हजार रुपये की रकम होल्ड कराई गई।

10 सितंबर को काशीपुर निवासी शाहनवाज से एपीके फाइल के माध्यम से 98 हजार रुपये की साइबर ठगी हुई। कार्रवाई में 97,765 रुपये होल्ड कराए गए। 13 सितंबर को लक्सर निवासी नर्गिस से एपीके फाइल के जरिए 87,999.09 रुपये की ठगी हुई, जिसमें 76,549.16 रुपये होल्ड कराए गए।

17 सितंबर को रायपुर, देहरादून निवासी जितेंद्र सिंह से एपीके फाइल के माध्यम से 57,797.67 रुपये की ठगी की गई। शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 57,796.59 रुपये होल्ड कराए गए। वहीं 16 सितंबर को देहरादून निवासी आरती वर्मा से निवेश के नाम पर 7.70 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। 1930 टीम की कार्रवाई से 6,94,484.23 रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई।

एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें और कमीशन के लालच में खाता किराये पर देने से बचें। एटीएम कार्ड, ओटीपी, पिन और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। खाते में अनजान धनराशि आने पर तत्काल बैंक और पुलिस को सूचित करें। अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी अथवा दस्तावेज साझा न करें।

एसटीएफ ने डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर होने वाली ठगी से भी सावधान रहने को कहा है। पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बनकर डराने वालों के झांसे में न आएं। किसी भी सरकारी जांच एजेंसी द्वारा ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं की जाती। इसके अलावा फर्जी वेबसाइट, निवेश योजनाओं, कम समय में धन दोगुना करने के प्रलोभन और गूगल पर मिले अनधिकृत ग्राहक सेवा नंबरों से भी सावधान रहने की अपील की गई है।

साइबर ठगी होने पर पीड़ितों से तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने अथवा साइबर अपराध की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। समय पर की गई शिकायत ठगी की धनराशि को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

देवभूमि खबर

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