63 साल की गौरवगाथा के साथ सातवीं गढ़वाल राइफल का 63वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया

देहरादून। गौरव सेनानी संगठन सातवीं गढ़वाल राइफल, देहरादून की ओर से सातवीं गढ़वाल राइफल का 63वां स्थापना दिवस मथुरावाला स्थित श्रेष्ठ वेडिंग प्वाइंट में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पलटन के 86 वर्षीय वयोवृद्ध नायक जनार्दन प्रसाद रणाकोटी, कर्नल एन.एस. पाल और कर्नल पी.के. भट्ट ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पलटन के अमर शहीदों को सामूहिक पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
समिति के अध्यक्ष कैप्टन कुलदेव सिंह नेगी ने सातवीं गढ़वाल राइफल के 63 वर्षों के इतिहास और गौरवमयी गाथा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बटालियन ने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ ही विभिन्न राज्यों में आंतरिक सुरक्षा के दौरान उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं। सियाचिन में दो बार सर्वोच्च सेवा के अलावा नौसेना के साथ बेहतर समन्वय और अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियान में उत्कृष्ट सेवा के लिए बटालियन को अंतरराष्ट्रीय शांति पदक से भी अलंकृत किया गया।
उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों से गढ़वाल रेजिमेंट के साथ-साथ भारतीय सेना का गौरव बढ़ा है। बटालियन ने सैकड़ों व्यक्तिगत पुरस्कारों के अलावा दो थल सेनाध्यक्ष प्रशंसा पत्र, तीन आर्मी कमांडर प्रशंसा पत्र और अंतरराष्ट्रीय सेना फोर्स कमांडर प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि पलटन के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों और उनके परिवारों के प्रति संगठन सदैव कृतज्ञ रहेगा।
मुख्य अतिथि कर्नल एन.एस. पाल ने कहा कि अमर शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से शहीदों की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
वयोवृद्ध नायक जनार्दन प्रसाद रणाकोटी ने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध से जुड़े अपने अनुभव और युद्ध की गाथा साझा की। उनके संस्मरण सुनकर कार्यक्रम में मौजूद गौरव सेनानी और वीर नारियां भावुक हो उठे।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम का संचालन नायक मगन राणा ने किया, जो वर्तमान में सचिवालय में अनुभाग अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
समारोह में कर्नल एन.एस. पाल, कर्नल पी.के. भट्ट, कैप्टन दलवीर सिंह गुसाईं, कैप्टन अनिल पैन्यूली, कैप्टन विनोद सकलानी, सूबेदार उमेद पंवार, सूबेदार रतन, कैप्टन मदन सिंह नेगी, सूबेदार हरी असवाल, कैप्टन कुंदन सकलानी, कैप्टन प्रदीप सिंह, सूबेदार मनवर सिंह नेगी, सूबेदार मेहर सत्यप्रकाश डबराल, सूबेदार विनोद मनवाल, नायक शंकरदयाल धनै, पूर्व प्रधान रायवाला सहित बड़ी संख्या में पलटन की वीर नारियां और सैकड़ों गौरव सेनानी उपस्थित रहे।
