ब्रिटिश नागरिकता छिपाकर सरकारी वेतन-पेंशन लेने का मामला, ईडी ने 53.46 लाख की संपत्ति कुर्क की

लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत शमसुल हुडा खान एवं अन्य से जुड़े धनशोधन मामले में 53.46 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। कुर्क की गई संपत्ति 189.75 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का आवासीय भूखंड है, जो शमसुल हुडा खान के नाम पर दर्ज है और उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद में स्थित है।
ईडी की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। इन मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 471 और 120-बी तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
जांच के अनुसार, शमसुल हुडा खान ने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली थी, जिसके बाद भारतीय नागरिकता समाप्त हो गई थी। आरोप है कि उन्होंने इस तथ्य को छिपाते हुए स्वयं को भारतीय नागरिक के रूप में प्रस्तुत करना जारी रखा। उन्होंने समर्पित किए जा चुके भारतीय पासपोर्ट के साथ पैन, आधार और मतदाता पहचान पत्र का कथित रूप से इस्तेमाल कर संत कबीर नगर जिले में अचल संपत्तियां खरीदीं।
जांच में यह भी सामने आया कि शमसुल हुडा खान मुबारकपुर, आजमगढ़ स्थित सरकार से सहायता प्राप्त मदरसे में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत रहे और राज्य सरकार के राजकोष से वेतन तथा सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ प्राप्त करते रहे। उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की जांच में पाया गया कि वर्ष 2007 से 2017 तक उनकी सेवा का सत्यापन नहीं किया गया था। इसके बावजूद वर्ष 2017 में उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रदान की गई और नियमित पेंशन भी स्वीकृत की गई।
ईडी के अनुसार, राज्य के राजकोष से वेतन, पेंशन और सामान्य भविष्य निधि के रूप में कुल 53.46 लाख रुपये उनके बैंक खाते में जमा किए गए। जांच एजेंसी ने इस राशि को अपराध से अर्जित आय माना है। चूंकि यह धनराशि खर्च हो चुकी है, इसलिए उसके बराबर मूल्य की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।
ईडी ने बताया कि इस मामले में इससे पहले 11 फरवरी 2026 को दो परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया था। तलाशी के दौरान धनशोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे। मामले में आगे की जांच जारी है।
