गुरुग्राम भूमि घोटाला मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, टीडीआई समूह के चेयरपर्सन रविंदर तनेजा से जुड़े परिसरों पर छापेमारी

नई दिल्ली/चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), चंडीगढ़ जोन-1 ने गुरुग्राम (मानेसर) भूमि घोटाला मामले में 28 सितंबर 2026 को टीडीआई समूह के चेयरपर्सन एवं कई कंपनियों के प्रबंध निदेशक रविंदर तनेजा से जुड़े व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत चल रही जांच के क्रम में की गई। मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज प्राथमिकी से सामने आया था।
ईडी के अनुसार, जांच में टीडीआई समूह और अतुल बंसल तथा उनकी एबीडब्ल्यूआईएल के नेतृत्व वाली कंपनियों के समूह के बीच कथित लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2007 में मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों में अधिग्रहण के लिए अधिसूचित 400 एकड़ से अधिक भूमि को अधिग्रहण की आशंका के बीच निजी बिल्डरों और बिचौलियों ने किसानों से कथित तौर पर कम कीमतों पर खरीदा।
ईडी के अनुसार, बाद में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और अधिग्रहण की कार्रवाई समाप्त हो गई। इसके बाद कथित तौर पर इन्हीं जमीनों को बिचौलियों ने काफी अधिक कीमतों पर बेचा, जिससे भारी मुनाफा अर्जित किया गया। जांच एजेंसी ने रविंदर तनेजा के नेतृत्व वाले टीडीआई समूह की भूमिका को ऐसे ही एक कथित बिचौलिए के रूप में चिन्हित किया है।
जांच के अनुसार, वर्ष 2005 से 2007 के बीच इन तीन गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान टीडीआई समूह ने तीन कंपनियों—इंडो एशियन कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, एनसीआर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और दिव्या ज्योति एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड—के माध्यम से किसानों से करीब 33 एकड़ भूमि खरीदी और बाद में इसे अतुल बंसल समूह को कथित तौर पर अधिक कीमत पर बेचा।
ईडी के अनुसार, नई दिल्ली और एसएएस नगर में स्थित परिसरों में तीन दिन से अधिक समय तक चली तलाशी के दौरान अन्य परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन से संबंधित कई रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। इन दस्तावेजों की अब विस्तृत जांच की जा रही है।
तलाशी के दौरान दर्जनों परियोजना संबंधी रिकॉर्ड और फाइलों के अलावा डिजिटल उपकरण, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और सर्वर भी जब्त किए गए। ईडी ने कुछ लग्जरी वाहनों को भी अपराध से अर्जित आय से संबंधित संपत्ति के रूप में चिन्हित कर जब्त किया है। जब्त दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों, संपत्तियों और टीडीआई समूह की कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है।
ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में जब्त सामग्री और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा जांच अभी जारी है।
