ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग ने सीएम को सौंपी अपनी रिपोर्ट

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देहरादून।देवभूमि खबर। ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री/अध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग द्वारा की गई। बैठक में डा0 एस0एस0 नेगी, उपाध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग, द्वारा अवगत कराया गया कि आयोग द्वारा वर्ष 2018-19 में 4 रिपोर्टे सरकार को प्रस्तुत की गयी हैं, जिसमें पलायन को कम करने हेतु सिफारिशें दी गयी हैं। आयोग द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के ग्राम पंचायतों में पलायन के विभिन्न पहलुओं पर अंतरिम रिपोर्ट तैयार कर मई 2018 में राज्य सरकार को प्रस्तुत की गयी। आयोग द्वारा द्वितीय रिपोर्ट प्रकृति आधारित पर्यटन (ईको टूरिज्म) पर तैयार कर विश्लेषण एवं सिफारिशों सहित सितम्बर, 2018 में एवं जनपद पौडी के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ बनाने एवं पलायन को कम करने से सम्बन्धित तृतीय रिपोर्ट आयोग द्वारा दिसम्बर, 2018 में सरकार के समक्ष प्रस्तुत की गयी।
इसी क्रम में आयोग की टीम द्वारा राज्य के पर्वतीय जनपदों से हो रहे पलायन के दृष्टिगत जनपद अल्मोडा पर चतुर्थ रिपोर्ट तैयार की गयी है। मुख्यमंत्री/ अध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग, उत्तराखण्ड द्वारा सम्बन्धित चतुर्थ रिपोर्ट का विमोचन कर राज्य सरकार को प्रस्तुत की जा रही है। आयोग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर बैठकें आयोजित की गयी एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद भी किया गया। आयोग की टीम द्वारा मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विभिन्न अधिकारियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ राज्य से हो रहे प्रवासन को कम करने हेतु बैठकों का आयोजन किया गया। राज्य के विभिन्न जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर विशेषज्ञों एवं स्थानीय निवासियों के साथ ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग, उत्तराखण्ड द्वारा सामाजिक-आर्थिक विकास को सृदृढ करने एवं पलायन को कम करने के सम्बन्ध में विचार-विमर्श किये गये। राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन पर अंकुश लगाये जाने के सम्बन्ध में बैठकें आयोजित की गयी एवं विषय विशेषज्ञों के साथ विचार विमर्श भी किये गये।उपाध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग द्वारा अवगत कराया गया कि आगामी वर्ष में जनपद पिथौरागढ एवं टिहरी के ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन और सम्बन्धित आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण कर सामाजिक आर्थिक विकास को सृदृढ बनाने एव पलायन को कम करने पर रिपोर्ट तैयार करना आयोग के कार्यों में प्रस्तावित है। इसके साथ ही ग्राम्य विकास पर उत्तराखण्ड सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का आंकलन कर पलायन को कम करने में सहायक सुझाव सरकार को प्रस्तुत करना भी आयोग के कार्यों में प्रस्तावित हे। डा0 नेगी द्वारा अवगत कराया गया कि आयोग के संज्ञान में आया है कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय लोगों द्वारा सफल आर्थिक पहल भी किए जा रहे हैं, इनका आंकलन एवं संग्रह करना आयोग की प्राथमिकताओं में सम्मिलित किया जाएगा।

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