सरकार को माफियाओं की चिंताः जन संघर्ष मोर्चा

विकासनगर।देवभूमि खबर। जनसंघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जी0एम0वी0एन0 के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि सरकार को जनता की नहीं माफियाओं की चिंता है।अप्रैल 2017 में मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र रावत, जिनके पास लोक निर्माण विभाग का जिम्मा भी है, ने पद सम्भालते ही शराब माफियाओं की राह में रोड़ा बने मा0 न्यायालय के आदेश को रातों-रात पलट दिया था।
मोर्चा कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए श्री नेगी ने कहा कि न्यायालय के आदेशों में उल्लेख था कि राजमार्गों पर शराब की दुकानें नहीं खोली जायेंगी। उक्त फरमान से परेशान त्रिवेन्द्र ने 08.04.2017 को यह कहकर राज्य राजमार्ग को जिला मार्ग में परिवर्तित कर दिया कि मार्ग के दोनों ओर जनसंख्या दबाव सहित भवन निर्माण गतिविधियों में निरन्तर वृद्वि होने, पेयजल, सीवर, टेलीफोन, बिजली लाईन, नाली निर्माण, ट्रांसफार्मर आदि अव्यवस्थित होने के कारण व्यवहारिक कठिनाईयों आ रही है, यानि जनहित दर्शाकर पूरी तरह से माफियाओं को शराब की दुकानें खोलने का मार्ग प्रशस्त्र कर दिया। उक्त जनहित के फरमान की धज्जियाॅं उड़ाने के लिए आबकारी आयुक्त, उत्तराखण्ड का पत्र ही काफी है, जिसमें उनके द्वारा शराब की दुकानों को लो0नि0वि0 की अधिसूचना से जोड़ दिया है, यानि नियम शराब माफियाओं को ही फायदा पहुॅंचाने के लिए बनाये गये थे। नेगी ने सरकार को कोसते हुए कहा कि सिंचाई, लो0नि0वि0 आदि विभागों के सेवानिवृत्त वर्कचार्ज आदि के कर्मचारी अपनी पेंशन के लिए कई वर्षों से तड़फ रहे हैं कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पेंशन तो जारी करो, लेकिन दुर्भाग्य है कि सरकार को जनता की नहीं माफियाओं की चिंता है।पत्रकार वार्ता में मौ0 असद, प्रवीण शर्मा पीन्नी आदि उपस्थित रहे।

