योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से पात्र व्यक्तियों को ही दिया जाय:डॉ वी. षणमुगम
नई टिहरी । वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना एवं दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास योजना (होमस्टे) विकास योजना की अनुश्रवण समिति की बैठक जिलाधिकारी डाॅ0 वी0 षणमुगम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। जिसमें इन योजनाओं के अन्तर्गत आवेदन करने वाले आवेदक का साक्षात्कार लिया गया तथा अभिलेखों का परीक्षण किया गया। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत कुल 14 नये आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 6 वाहन, 6 होटल व्यवसाय स्थापना एवं 2 आवेदन मोटर बोट के लिए प्राप्त हुये। जबकि होमस्टे योजना के अन्तर्गत कुल 7 नये आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से पात्र व्यक्तियों को ही दिया जाय। आवेदन स्वीकृत करने से पूर्व आवेदनकर्ता के बैकग्राउण्ड के बारें में पूरी जानकारी प्राप्त कर ली जाय। होटल, होमस्टे भवन के नक्शे जिला विकास प्राधिकरण से ही स्वीकृत होने चाहिएं।
पूर्व में समिति द्वारा स्वीकृत तथा बैंक स्तर पर लम्बित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा बैंकर्स को निर्देश दिये गये कि होमस्टे के लम्बित प्रकरण जो रूपये 5 लाख तक की योजना के है उन्हें तत्काल ही लोन राशि दे दी जाय। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि जहां पर होमस्टे योजना सफलता पूर्वक चल रही है इस योजना के अन्तर्गत लोन प्राप्त कर चुके आवेदकों को उन सफल स्थानों का भ्रमण कराया जाय ताकि आवेदक होमस्टे योजना के तहत अपने व्यवसाय को सफलता पूर्वक चला सके।
मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, जिला महाप्रबन्धक उद्योग महेश प्रकाश, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी आनन्द कुमार जायसवाल, सहायक जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजय सिंह, बीएस चैहान आदि उपस्थित थे।

