क्लिनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट को उत्तराखण्ड राज्य में लागू किया जाय:ध्यानी
देहरादून ।उत्तराखंड क्रांति दल के महानगर अध्यक्ष सुनील ध्यानी ने सरकार को उत्तराखण्ड में क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट को लागू करने की बात कही ।उन्होंने कहा कि दल का साफ मानना है कि इस एक्ट से जनता को लाभ मिलेगा व डेंगू जैसे महामारी रोगों के इलाज में मरीजों को सहूलियत मिलेगी।महानगर अध्यक्ष ने कहा की राज्य की सरकारें प्राइवेट हॉस्पिटलों से सांठगांठ करके बैठी है।हॉस्पिटल माफियों को लाभ देकर जनता के साथ धोखा कर रही है।सन 2010 में ये एक्ट तात्कालिक सरकार द्वारा पारित किया था,जबकि *नये मोटर एक्ट *कानून को लागू करके जनता को परेशान ही नही बल्कि खुली लूट जुर्माने के द्वारा की जा रही है।
क्लिनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट में मेटरनिटी होम्स,डिस्पेंसरी क्लिनिक,नर्सिंग होम,एलोपैथी, होमियोपैथी और आयुर्वेदिक से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं का समान रूप से लागू होगा।और प्रत्येक हॉस्पिटल अपनी सेवाओं की कीमत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सीमाओं के भीतर ही ले सकते है।राज्य की त्रिवेंद्र सरकार जनता को लाभ देने के लिए इस एक्ट को लागू कर महामारी रोगों, असाध्य रोगों आदि से राज्य वासियों को लाभ मिले।

