युवक एवं महिला मंगल दलों को आपदा प्रबन्धन के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण
चमोली।ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत युवक एवं महिला मंगल दलों को आपदा प्रबन्धन के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। रविवार को जिला आपदा प्रबन्धन कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे की अध्यक्षता में स्वयं सेवी संस्था के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रशिक्षण के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं को ब्लाक आवंटित किए जाएंगे।
मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने युवक एवं महिला मंगल दलों के प्रशिक्षण हेतु ब्लाकवाइज टाईम टेबल तैयार करने के उपरान्त ही एनजीओ के साथ एमओयू करने के निर्देश डीडीएमओ को दिए। उन्होंने स्वयं सेवी संस्थाओं को एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में कम से कम 20 लोगों को प्रशिक्षण देने की बात कही। स्वयं सेवी संस्थाओं को प्रशिक्षण हेतु पठनीय सामग्री, बैनर, आपदा प्रबन्धन हेतु आवश्यक उपकरण इत्यादि अपने स्तर से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विकासखण्ड देवाल और घाट में एसडीआरएफ के माध्यम से तथा अन्य सभी विकासखण्डों में एनजीओ के माध्यम से पंजीकृत युवक एवं महिला मंगल दलों को प्रशिक्षित किया जाएगा। कहा कि एनजीओ के माध्यम से आयोजित आपदा प्रबन्धन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नियमित माॅनिटरिंग भी की जाएगी।
जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी ने बताया कि जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा जिले में पंजीकृत युवक एवं महिला मंगल दलों को आपदा प्रबन्धन हेतु प्रशिक्षित करने के लिए 6 एनजीओ का चयन किया गया है। एनजीओ के माध्यम से सभी युवक व महिला मंगल दलों को पाॅच-पाॅच दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिले में 541 महिला तथा 415 युवक मंगल दल सहित कुल 956 दल पंजीकृत है। गांवों में पाॅच दिनों तक चलने वाले एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए एनजीओ को 25 हजार की धनराशि प्राधिकरण द्वारा दी जायेगी। विगत वर्ष में 1120 महिला तथा 649 पुरूषों को आपदा प्रबन्धन हेतु प्रशिक्षित किया जा चुका है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी मोहन सिंह बर्निया, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी नंद किशोर जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दयानी सहित चयनित एनजीओ से प्रकाश पुरोहित, सुनील तिवारी, गिरीश डिमरी, राकेश सती, प्रकाश पंत, डीपी शैली, देव चन्द्रा आदि उपस्थित थे।

