बीना जैन द्वारा रचित मंगल गीतांजलि एवं आध्यात्मिक श्री श्री रामचंद्र पर आधारित राम कथा का विमोचन
देहरादून।देवभूमि खबर। भारतीय जैन मिलन महिला एकता की अध्यक्ष वीना जैन के निर्देशन में जैन धर्म के गौरवशाली महापुरुष मर्यादा पुरुषोत्तम राम चंद्र के तत्वज्ञान की बरसात की रंगारंग आध्यात्मिक संध्या का आयोजन जैन धर्मशाला देहरादून में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चंद जैन, पदमश्री डॉक्टर आरके जैन, 20 सूत्रीय कार्यक्रम के उपाध्यक्ष नरेश बंसल, मानवाधिकार एवं सामाजिक संगठन के चेयरमैन सचिन जैन, राष्ट्रीय महामंत्री नरेश चंद जैन, नरेंद्र कुमार जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन भारतीय जैन मिलन की केंद्रीय महिला संयोजिका मधु जैन एवम वंदना जैन ने किया।
इस अवसर पर आए हुए सभी अतिथियों द्वारा बीना जैन द्वारा रचित मंगल गीतांजलि एवं आध्यात्मिक श्री श्री रामचंद्र पर आधारित राम कथा का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉक्टर आरके जैन ने कहा कि आज के समय में जो धार्मिक अंकुर बच्चों से लेकर बड़ों तक प्रफुल्लित हो रहे हैं उन सब का श्रेय कहीं ना कहीं वीना जैन को जाता है जो निरंतर वीतराग विज्ञान पाठशाला के माध्यम से धार्मिक ज्ञान दिया जाता है। इसी कारण सभी में धर्म प्रभावना का प्रचार प्रसार होता रहता है और यह बहुत जरूरी है यह अपने व्यस्ततम समय में कुछ समय धार्मिक प्रक्रियाओं को भी मिल जाता है। इस अवसर पर भारतीय जैन मिलन के भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष समारोह गौरव ऋतुराज सुरेश चंद जैन ने वीना को बधाई देते हुए कहा कि आप समाज में यह सर्वोपरि कार्य कर रही हैं जिससे बच्चे निरंतर धर्म प्रक्रियाओं से जुड़े रहते हैं एवं हर उम्र की महिला इसमें सहभागिता करती है आपका प्रयास सराहनीय है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम के उपाध्यक्ष नरेश बंसल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि कार्यक्रम इतना सुंदर था ऐसा लग रहा था कि पूरे मंजे हुए कलाकार आए हुए हैं। लोगों ने श्रीराम पर आधारित आध्यात्मिक रामकथा उनके जीवन परिचय ओर श्री राम चन्द्र द्वारा पश्चाताप नृत्य नाटिका के द्वारा आनंद लिया। सब इतने भावुक हो गए कि आंखों से पानी आ गया।
इस अवसर पर सुकेश जैन, सी एस जेन, संदीप जैन, सुकुमार जैन, पूर्णिमा जैन, सारिका जैन, प्रीति जैन, मनीषा जैन, नीतू जैन, शिखा जैन, भावना जैन, कुम कुम जैन, अर्चना जैन, चिराग जैन, दिनेश जैन, चारु जैन, सिया जैन, वीतराग विज्ञान पाठशाला के बच्चे आदि उपस्तिथ रहे।

