तीसरे चरण में छूटे हुए बच्चों एव गर्भवती महिलाओं का शतप्रतिशत टीकाकरण करना सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी

चमोली।देवभूमि खबर।मिशन इन्द्रधनुष (आईएमआई) के तीसरे चरण में छूटे हुए बच्चों एव गर्भवती महिलाओं का शतप्रतिशत टीकाकरण करना सुनिश्चित करें। यह निर्देश जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कलक्ट्रेट सभागार में जिला टास्कफोर्स समिति की बैठक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। मिशन इन्द्रधनुष का तृतीय चरण 03 फरवरी से अगले सात कार्य दिवसों में (बुधवार, शनिवार एवं राजकीय अवकाश को छोडकर) 13 फरवरी तक आयोजित किया जाना है। जिसमें टीकाकरण से वंचित एवं छूटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण कराया जाएगा। जिले में तीसरे चरण के तहत टीकाकरण से छूटे हुए 87 बच्चे एवं 11 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे चरण में केवल 94 प्रतिशत बच्चों का ही टीकाकरण किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए तीसरे चरण के तहत शून्य से दो वर्ष के शतप्रतिशत बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तीसरे चरण में कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित रहा तो संबधित ब्लाक के रिसपोंसिबिल अधिकारी का वेतन आहरित नही किया जाएगा।
वही दूसरी ओर जिलाधिकारी ने अगामी 09 व 10 फरवरी को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए 01 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को कृमि नियंत्रण दवा खिलाने के भी निर्देश दिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरणा एवं बाल विकास आदि विभागों को आपसी समन्वय बनाकर कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाने पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग को आगामी सोमवार तक सभी शिक्षण संस्थाओं एवं आंगनबाडी केन्द्रों तक एलबेंडाजोल की गोलियां पहुंचाने तथा कृमि मुक्ति दिवस पर आशा को अपने नजदीकी स्कूल में अनिवार्य तौर पर उपस्थित रहने हेतु निर्देशित करने को कहा। ताकि आशा के माध्यम से कृमि के बारे में जानकारी दी जा सके। इस दौरान जिलाधिकारी ने क्लीनिक इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत सभी निजी एवं सरकारी अस्पतालों का पंजीकरण सुनिश्चित करने और प्रत्येक माह अभियान चलाकर इसकी जाॅच भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कृमि मुक्ति कार्यक्रम के नोडल अधिकारी/मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 केके सिंह ने बताया कि 09 एवं 10 फरवरी को सभी सरकारी, गैर सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, अल्प संख्यक शिक्षण संस्थान, बालिका निकेतन एवं समाज कल्याण विद्यालय के साथ ऐसे सभी संस्थान जहाॅ 1-19 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चे रहते है उन्हें पेट के कीडें मारने की दवा एल्बेन्डाजोल की गोली खिलायी जाएगी। बताया कि यदि कोई बच्चा किसी कारणवश इन दिवसों पर दवा लेने से वंचित रह जाता है तो उसे 17 फरवरी को माॅप अप दिवस को दवा खिलायी जाएगी। स्कूलों में यह दवा 6-19 साल के सभी बच्चों को अध्यापकों द्वारा खिलायी जाएगी, जबकि आंगनबाडी केन्द्रों में 1-5 साल के सभी पंजीकृत और गैर पंजीकृत बच्चों को आंगनबाडी कार्यकत्रीयों द्वारा खिलायी जायेगी। उन्होंने बताया कि एल्बेंडाजोल दवा की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कोरोना वायरस संक्रमण, इसके लक्षण और इससे बचाव के संबध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोराना वायरस से घबराने की जरूरत नही है लेकिन सावधानी रखी जानी नितांत आवश्यक है। कहा कि बुखार, खांसी-जुकाम, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में संपर्क करें, एन-95 मास्क का उपयोग करें और अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ रखे। कहा कि स्वास्थ्य विभाग के पास उपचार हेतु पर्याप्त मात्रा में एंटीवायरस वैक्सीन उपलब्ध है। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास आदि विभागों के अधिकारियों सहित एनजीओ के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

