प्रदेश के हर गाँव, मुहल्ले और शहर में नागरिक मंच की इकाईयां गठित करनी चाहिए : किशोर

प्रदेश के हर गाँव, मुहल्ले और शहर में नागरिक मंच की इकाईयां गठित करनी चाहिए : किशोर
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देहरादून। सरकार ने उत्तराखंड में लॉकडाउन की घोषणा कर दी है, इससे जाहिर होता है कि स्थिति कितनी गम्भीर है यह काम पहले हो जाना चाहिये था। लोगों को लॉकडाउन के प्रति पहले जागरूक करना चाहिये था। यह बात पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस किशोर उपाध्याय द्वारा कही गयी। उन्होंने कहा कि लोग अभी विभीषिका को समझ नहीं पा रहे हैं। कई स्थानों पर सार्वजनिक कार्य हो रहे है जिसमें बड़ी संख्या में लोग प्रतिभाग कर रहे है। उन्होने कहा कि लॉकडाउन से लोगों में भय का वातावरण बन गया है। वे लोग जो अपनी जान जोखिम में डालकर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी चलायेंगे, उनके और उनके परिवार की आर्थिक सुरक्षा हेतु राज्य सरकार व केंद्र ने अभी तक कुछ नहीं किया है। उन्होंने कहा कि कल मैंने नागरिक मंच की अवधारणा दी थी, जिससे इन रणबांकुरों की और उनके परिवारों के हितों की सुरक्षा की जिम्मेदारी समाज ले। जब सरकारें गैरजिम्मेदार हो जाती हैं तो समाज को जिम्मेदारी उठानी पड़ती हैं। कहा कि प्रदेश के हर गाँव, मुहल्ले और शहर में नागरिक मंच की इकाईयां गठित करनी चाहिए जो एक सतर्क प्रहरी का काम करे। कहा कि नागरिक मंच का काम होगा कि वह पारदर्शिता के साथ इन साहसी लोगों के परिवारों की आर्थिक सुरक्षा हेतु संसाधन जुटाये। दूसरा काम न्यायपूर्वक लोगों को जीवन चलाने हेतु आवश्यक वस्तुयें मिल सकें। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकारों को इस विभीजिका में कार्य करने वालों और उनके परिवारजनों को देश की सीमा की रक्षा करने वालों से कमतर नहीं समझना चाहिये।

देवभूमि खबर