उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ ने जिलों में मुख्यमंत्री का किया पुतला दहन
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ द्वारा केंद्रीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ राजेन्द्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में सभी जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया, उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में निरन्तर रूप से ऐसे निर्णय लिए गए जो राज्य के मूल निवासियों का अपमान है, उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना पहाड़ी भू भाग को लेकर की गई थी, ताकि पहाड़ से चुनकर जो प्रतिनिधि आए वह यहां के मूलभूत विषयों को भली भाँति जानता हो, लेकिन राज्य सरकार द्वारा हाल ही में योजना आयोग के अहम पद पर सहारनपुर के निवासी को उपाध्यक्ष बना दिया गया, इससे यह साफ जाहिर होता है कि यह सरकार राज्य के लिए कितनी गम्भीर है, योजना आयोग उपाध्यक्ष पद जो कि कैबिनेट स्तर का पद है, क्या उत्तराखंड राज्य में डबल इंजन की प्रचंड बहुमत की सरकार में से कोई पहाड़ का इस पद के लिए उपयुक्त नहीं है, यह स्पष्ट रूप से पहाड़ वासियों का अपमान है, उन्होंने कहा कि आज सभी राज्यों में मूल निवास की प्रमाण पत्र की अनिवार्यता 1950 है, लेकिन इन्होंने इसे उत्तराखंड में समाप्त कर दिया जिससे जो उत्तराखंड में कई पीढ़ियों से है उनके मूल अधिकारों का हनन है,
बिष्ट ने कहा कि दूसरी उत्तराखंड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के सीईओ डॉ अविनाश आनंद द्वारा विश्व बैंक से 3 हजार करोड़ का लोन लेकर आलिशान गाड़ियां एवं नोएडा में मकान के साथ साथ नियम-कायदे ताक पर रखकर जिला योजना के पैसों से पशुओं के लिये पंजाब की फर्म से दोगुने दाम पर चारा खरीदा, शीप बोर्ड में बिना पद सृजन के डेपुटेशन पर कई अधिकारियों को तैनात किया, इस कारण कई पशु चिकित्सालय बंद हो गए. अधिकारी बिना काम के वेतन ले रहे हैं.ढाई लाख के वेतन पर कंसल्टेंट को नियुक्त किया गया है जिसका वेतन मुख्य सचिव से भी ज्यादा है., जीरो टॉलरेंस का ढिंढोरा पीटने वाले राज्य सरकार के मुखिया कहीं ना कहीं इस गतिविधि में संलिप्त है, इसी लिए इन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि इस घोटाले की सीबीआई जांच हो ताकि असली आरोपियों को उचित सजा मिले, साथ ही मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार के. एस. पंवार पर जो 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है इसकी सीबीआई जांच हो ताकि, बीजेपी ने राज्य को घोटालों का प्रदेश बना दिया है, जिसका इनाम मुख्यमंत्री को ताजा सर्वे के रूप में सबसे खराब मुख्यमंत्री में सबसे उच्च स्थान पर रख कर मिला, अब उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने पद से इस्तीफा दे, या घोटाले भी बाजों के खिलाफ सीबीआई जांच बिठाए, अगर एक सप्ताह के भीतर यह मामले संज्ञान में नहीं लिए गए तो युवा उक्रांद इसके लिए सारे जिलों मे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
इस अवसर पर युवा उक्रांद जिला अध्यक्ष देहरादून सीमा रावत, सचिव अरविंद बिष्ट, कमल कांत, मनीष चौहान, विकास बिष्ट, अमित डोगरा, आदित्य खरोला, दिनेश नेगी आदि मौजूद रहे
