उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने की मुख्यमंत्री के बयान की भर्त्सना
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने मुख्यमन्त्री के सैन्य धाम के उद्घाटन के अवसर पर पहाड़ को छोड़ देहरादून को राजधानी वाले बयान की कड़ी भर्त्सना की
प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी व जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने अपने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा क़ि आंदोलनकारियों ने पृथक उत्तराखण्ड राज्य के लिए लखनऊ के बजाय गैरसैण के लिए 42 से ऊपर शहादतें दी ,युवाओं ने अपना सुनहरा भविष्य लगा दिया एवं हमारी मातृ शक्ति ने चूल्हा चौका छोड़ हमारे भविष्य और रोजगार के साथ ही अपनी बोली-भाषा संस्कृति मान सम्मान तक दांव पर लगाया। उसके लिए इस प्रकार की बयानकी हम भर्त्सना करते हैं। ।
पूरण सिंह लिंग्वाल ने कहा क़ि मुख्यमन्त्री ने राज्य प्राप्ति के लिए संघर्ष किया होता तो य़ह बात न कहते। प्रदीप कुकरेती ने कहा क़ि कई ऐसे जनप्रतिनिधि,विधायक एवं दायित्वधारी वर्तमान सरकार मे है जिन्होने राज्य आन्दोलन मे अपनी भूमिका निभाई थी वह भी मुख्यमन्त्री के बयान से इत्तेफाक रखते है। य़े जनता क़ा ही दबाव था जो सरकार को सहस्त्रधारा रोड़ के ट्रेचिग ग्राउण्ड के स्थान को बदलना पड़ा सरकार की सोच क्या थी वह दिख गई थी क़ि कूड़े के ढेर पर सैन्य धाम बनाएंगे
