अपनी मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारी संगठनों ने 24 घंटे का कार्य बहिष्कार करने का लिया फैसला
देहरादून। रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को लेकर कैबिनेट बैठक में कोई फैसला नहीं लिया गया, जिससे नाराज रोडवेड कर्मचारी संगठनों ने 24 घंटे कार्य बहिष्कार करने जा रहे हैं। गौरतलब है कि मंगलवार को रोडवेज कर्मचारियों का परिवहन मंत्री और अधिकारियों के साथ दो दौर की बैठकें भी हुई थी।
मंगलवार को हुई बैठक में तय किया गया था कि 5 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय को कैबिनेट में लाकर कर्मचारियों के समर्थन में फैसला लिया जाएगा, लेकिन आज हुई कैबिनेट बैठक में ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिससे नाराज रोडवेज कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार का फैसला लिया है।
हालांकि, आज हुई कैबिनेट बैठक में परिवहन विभाग को दिए जाने वाले एकमुश्त सहायता राशि पर चर्चा हुई और इसका निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं पर कैबिनेट बैठक में कोई चर्चा नहीं किया गया। जिसके बाद से रोडवेज कर्मचारी काफी आक्रोश में हैं। कैबिनेट बैठक के बाद रोडवेज कर्मचारी संगठनों ने तय कि वो 24 घंटे कार्य बहिष्कार करेंगे।
रोडवेज कर्मचारी की मांग है कि सहकारी ऋण समिति की कटौती वेतन से ना किया जाए, विशेष श्रेणी/संविदा कार्मिकों का नियमितीकरण और परिवहन निगम की समस्याओं का स्थायी समाधान के लिए इसका राजकीयकरण किया जाए। अपनी मांगों को लेकर जहां एक ओर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद 14 जुलाई की मध्य रात्रि से कार्य बहिष्कार करने जा रही है। वहीं, विभिन्न संगठनों के कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने 15 जुलाई की मध्य रात्रि से 16 जुलाई की मध्यरात्रि तक कार्य बहिष्कार पर रहेंगे।
