सड़क ,स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते ग्रामीण परेशान ,महिला ने आधे रास्ते में शिशु को दिया जन्म
अल्मोड़ा । जनपद के विकासखंड भैसियाछाना ग्राम सभा लिगुडता के पतलचौरा गांव में सड़क सुविधा न होने से एक महिला ने अर्धरात्रि में रास्ते में एक बच्चे को जन्म दिया।जच्चा बच्चा का स्वास्थ्य सामान्य होने पर परिजन उन्हें घर ले गए।
पतलचौरा गांव से कनारीछीना की दूरी पांच किलोमीटर है। भैसियाछाना विकास खंड के ग्राम सभा लिगुडता के पतलचौरा गांव प्रयिंका बानी के सास हेमा, बानी व बड़ी सास लक्ष्मी बानी व आशा कार्यकर्ता संजू देवी प्रयिंका बानी को निकटतम अस्पताल भैसियाछाना के लिए ले जा रहे थे। प्रियंका के परिवार जनों के द्बारा डोली के इंतजाम करके निकटतम अस्पताल भैसियाछाना के लिए तैयारी की लेकिन रास्ते का अभाव व पांच किलोमीटर की चढ़ाई की उजह से डोली लाने में देरी होने के कारण प्रियंका बानी ने आधे रास्ते में अपने शिशु को जन्म दिया।
रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने कहा कि समिती ने कनारीछीना बिनूक पतलचौरा सड़क मार्ग के लिए लंबे समय से शासन-प्रशासन से गुहार लगाई।इस सड़क मार्ग के लिए गजट जारी व सर्वे होने के बाबजूद भूगर्भ विभाग के अर्थ टेस्टिंग होने पर भी अभी तक सड़क मार्ग बिलंब में पडा है। पतलचौरा गांव से डिलीवरी महिलाओं को व बुजुर्ग बिमार आदमियों को कनारीछीना सड़क तक लाने में डोली या खच्चरों का सहरा लेना पड़ता है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाबजूद सडक तो दूर की बात ठीक ढंग से रास्ता बनाना भी भूल गयी सरकार।पतलचौरा गांव अनुसूचित जाति का गांव है एक तरफ सरकार बोलती है हम अनुसूचित जाति के लिए हर चीज मुहिया करा रहे । लेकिन इस गांव को उत्तराखंड राज्य बनने के बाबजूद भी ठीक ढंग से चलने के लिए रास्ता नसीब नहीं हुआ।

