वोट चोरी के आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, भाजपा और निर्वाचन आयोग पर साधा निशाना

देहरादून। आम आदमी पार्टी ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर मसूरी-कैंट विधानसभा क्षेत्र में प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री और कोषाध्यक्ष शरद जैन के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया और प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान आप नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा कथित वोट चोरी के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने की स्थिति में निर्वाचन आयोग को सभी आशंकाओं का निष्पक्ष परीक्षण कर तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का मत है। प्रत्येक नागरिक को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है और चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष है। उन्होंने कहा कि मताधिकार की पवित्रता को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब देना सरकार और निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की इच्छा और विश्वास का प्रतिबिंब हैं। इसलिए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री ने कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। वहीं, प्रदेश कोषाध्यक्ष शरद जैन ने मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच कराने तथा मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
आम आदमी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने, उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। पार्टी ने मतदाता सूचियों को जनवरी 2025 की स्थिति में बहाल करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को निरस्त कर नागरिक समाज की भागीदारी वाली नई और पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाने की मांग की।
पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और मताधिकार की सुरक्षा के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए सभी संबंधित संस्थाओं से जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।
प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष सुधा पटवाल, अशोक सेवाल, प्रदेश संयुक्त सचिव जितेन पंथ, शैलेश तिवारी, कमल राणा, सीपी सिंह, श्याम लाल नाथ, सीमा कश्यप, प्रकाश शर्मा, अक्षय शर्मा, जिला अध्यक्ष गणेश कुड़ियाल, महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष यामिनी आले, संतोष महिपाल सिंह, सुरेश कुमार, सरफराज, गौरव उनियाल, दीपक कुंतल, केशव, रेखा सिंह, अफसाना सुल्तान, रंजीत सिंह और राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।


