फर्जी दस्तावेजों से संपत्तियों पर कब्जे के मामले में अमित गांगुली गिरफ्तार, ईडी को चार दिन की हिरासत

फर्जी दस्तावेजों से संपत्तियों पर कब्जे के मामले में अमित गांगुली गिरफ्तार, ईडी को चार दिन की हिरासत
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कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने गैंगुली होम सर्च प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित गांगुली को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत 15 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कई व्यक्तियों और संस्थाओं की अचल संपत्तियों के कथित फर्जी अधिग्रहण, नियंत्रण और हस्तांतरण से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत की गई।

ईडी ने आरोपी को 16 सितंबर 2026 को कोलकाता स्थित विशेष न्यायालय, विचार भवन के समक्ष पेश किया। अदालत ने अमित गांगुली को चार दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।

ईडी के अनुसार पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए के तहत जांच शुरू की गई थी। इन मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 419, 420, 423, 467 और 471 सहित विभिन्न अनुसूचित अपराधों के आरोप शामिल हैं।

जांच के दौरान ईडी को पता चला कि अमित गांगुली ने अपने सहयोगियों के साथ मिलीभगत कर विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य आपराधिक तरीकों का इस्तेमाल किया। इसके जरिए अलग-अलग व्यक्तियों और संस्थाओं की मूल्यवान अचल संपत्तियों को कथित रूप से अवैध तरीके से हासिल करने, कब्जे में लेने और हस्तांतरित करने का प्रयास किया गया।

जांच में कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित विक्रय विलेख, समझौते, मुख्तारनामा, उपहार विलेख, निदेशक मंडल के प्रस्ताव तथा अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर संपत्तियों पर झूठे अधिकार बनाने और उनका दावा करने की बात सामने आई है। ईडी के अनुसार वास्तविक मालिकों के कब्जे और स्वामित्व अधिकारों में अवैध हस्तक्षेप के उद्देश्य से झूठे दावों और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भूमि एवं नगर निकाय से संबंधित अभिलेखों में भी कथित हेरफेर किया गया।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि अमित गांगुली भूमि मालिकों के साथ संयुक्त उपक्रम कर संपत्तियों के विकास अधिकार हासिल करता था। आरोप है कि बाद में वह भूमि मालिकों के वैध हिस्से और अधिकारों को जानबूझकर पूरा नहीं करता था तथा संपत्तियों पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करता था।

ईडी के अनुसार इन आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त धन और संपत्ति से जुड़े अधिकार पीएमएलए, 2002 के तहत अपराध से अर्जित आय की श्रेणी में आते हैं। जांच में अपराध से अर्जित आय के रूप में मूल्यवान अचल संपत्तियों और संपत्ति अधिकारों की पहचान की गई है।

ईडी के मुताबिक अमित गांगुली के खिलाफ करीब 23 प्राथमिकी दर्ज हैं और उस पर उपरोक्त तौर-तरीकों के जरिए कई निवेशकों तथा भूमि मालिकों को कथित रूप से ठगने के आरोप हैं। इससे पहले ईडी ने 28 मार्च 2026 को मामले में अमित गांगुली से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली थी। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य अभिलेख जब्त किए गए थे।

जब्त सामग्री की जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि अमित गांगुली का रियल एस्टेट परियोजनाओं और अन्य अचल संपत्तियों से जुड़े मामलों में विभिन्न स्थानीय प्राधिकरणों और उनके अधिकारियों पर प्रभाव था। मामले में आगे की जांच जारी है।

देवभूमि खबर

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