दायित्वधारियों की नियुक्तियां भाजपा का राजनीतिक पुनर्वास अभियान : गरिमा मेहरा दसौनी
कांग्रेस ने धामी सरकार पर साधा निशाना, कहा- कर्ज में डूबे प्रदेश में जनता नहीं, नेताओं को साधने में जुटी सरकार
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने धामी सरकार द्वारा दायित्वधारियों की नई सूची जारी किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक संकट और बढ़ते कर्ज से जूझ रहे उत्तराखंड में भाजपा सरकार जनता के हितों की बजाय अपने नेताओं के राजनीतिक पुनर्वास में लगी हुई है।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि मार्च 2017 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल समाप्त होने के समय राज्य पर 44,583 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो मार्च 2026 तक बढ़कर लगभग एक लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। ऐसे समय में सरकार विकास कार्यों, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए संसाधनों की कमी का हवाला देती है, लेकिन भाजपा नेताओं को दायित्व और सुविधाएं देने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पिछले वर्षों में नियुक्त किए गए दायित्वधारियों से राज्य को क्या ठोस लाभ मिला है। साथ ही इन नियुक्तियों पर सरकारी खजाने से हुए खर्च और उनके परिणामों को लेकर श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार के अभाव में पलायन करने को मजबूर है और विभिन्न विभागों में हजारों पद रिक्त पड़े हैं। इसके बावजूद सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय राजनीतिक नियुक्तियों के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं को समायोजित करने में व्यस्त है। इससे सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट होती हैं।
उन्होंने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और कुमाऊं मंडल विकास निगम जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं को पर्यटन और प्रबंधन के क्षेत्र में अनुभवी एवं विशेषज्ञ व्यक्तियों की आवश्यकता है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन नियुक्तियों का आधार योग्यता है या राजनीतिक निष्ठा।
गरिमा मेहरा दसौनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि वे प्रदेशवासियों को बताएं कि इन नई नियुक्तियों से आम जनता को क्या प्रत्यक्ष लाभ मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की अपेक्षा रखती है, जबकि सरकार दायित्व बांटकर राजनीतिक उपकार की राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के धन के कथित दुरुपयोग और राजनीतिक संरक्षण की संस्कृति का लगातार विरोध करती रहेगी तथा सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का कार्य करती रहेगी।

